VIDEO: राजस्व बढ़ाने की JDC सिद्धार्थ महाजन की नई पहल, जेडीए अपनी खाली जमीनों और संपत्तियों को देगा किराए पर, देखिए ये रिपोर्ट

जयपुर: जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने जेडीए का राजस्व बढ़ाने की नई पहल शुरू की है. जेडीए अब अपनी खाली पड़ी जमीनों और संपत्तियों से अपना राजस्व बढ़ाएगा. भूमि की नीलामी,आवंटन व विक्रय के अलावा किस तरह से जयपुर विकास प्राधिकरण की नियमित आय हो, इसको लेकर जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन लगातार कवायद में जुटे हैं. मामले के विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि सीमित है, ऐसे में कब तक जेडीए इसे बेचकर अपने प्रशासनिक खर्च व शहर के विकास कार्यों का खर्च उठाता रहेगा.

देश के अन्य विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर जेडीए के लिए भी जरूरी है कि स्थायी व नियमित आय के स्त्रोत तलाशे जाएं. इसी के तहत जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर जेडीए अधिकारियों के विभिन्न दल अलग-अलग शहरों में गए थे. इन दलों ने वहां के विकास प्राधिकरणों के राजस्व मॉडल का अध्ययन किया. उनमें से एक दल निदेशक वित्त सुरेश वर्मा की अध्यक्षता में अहमदाबाद गया था. अहमदाबाद विकास प्राधिकरण अपनी जमीनों व संपत्तियों को किराए देने के पेटे हर साल औसतन 5 करोड़ का राजस्व अर्जित करता है. अधिकारियों के इस दल की सिफारिश के आधार पर यही राजस्व मॉडल अब जयपुर विकास प्राधिकरण में भी लागू किया है. इसके लिए प्राधिकरण ने शुक्रवार को किराए की दरें व विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है.

जमीन बेचने के अलावा आय के स्थायी स्त्रोतों जुटाने की कवायद: 
-जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से की जा रही है कवायद
-इसी के तहत राजस्व बढ़ाने के लिए JDCसिद्धार्थ महाजन की नई पहल
-जेडीए अपनी खाली जमीनों व संपत्तियों को देगा किराए पर
-व्यावसायिक,गैर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए देगा किराए पर
-जेडीए ने इसके लिए किराए की दरें की जारी
-व्यावासायिक गतिविधियों के तहत साइट ऑफिस,
-कंटेनगर साइन ऑफिस,मेंटनेंस स्टोरेज,ऑपरेशनल एक्टिविटी,
-सीजनेबल स्टोर,स्टोरेज,हैंडीक्राफ्ट,हैंडलूम,कपड़ों की दुकान,
-ज्वैलरी की दुकान,एग्जिबिशन,कार वाशिंग,कार एसेसरीज,
-कार सर्विस,कार डिटेलिंग,कार सेलिंग,ऑटो फेयर,
-एल्युमिनेशन ग्लास,फ्रेब्रिकेशन वर्क्स,स्टोन/मार्बल सेलिंग,
-पॉटरी,मैटल स्टोर,गेम जोन,चाइल्ड फेयर,फन फेयर,सर्कस,
-मैजिशियन शो,नर्सरी,निजी और
-व्यावसायिक संगठनों के विवाह समारोह के लिए दी सकेगी किराए पर
-गैर व्यावसायिक प्रयोजन के तहत
-निर्माण सामग्री,श्रम शिविर,स्कूल,कॉलेज,खेल गतिविधियों के संस्थान,
-सामूहिक विवाह,सार्वजनिक विवाह समारोह,धार्मिक कार्यक्रम,
-सरकारी व अर्द्ध सरकारी संगठन की गतिविधियों,
-धार्मिक ट्रस्टों की गतिविधियों,सर्कस,चाइल्ड फेयर,मनोरंजन मेला,
-पार्किंग,नर्सरी,शोक सभा और
-प्रार्थना सभा के लिए के लिए दी जा सकेगी किराए पर
-किराए पर लेने के लिए आवेदन करने और
-उसके लिए शुल्क जमा कराने की समस्त प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
-जमीनों व संपत्तियों की सूची जेडीए वेबसाइट पर जल्द होगी उपलब्ध
-जेडीए की वित्त शाखा ने सभी जोनों से मांगी इनकी जानकारी
-पहले आओ पहले पाओ के आधार किराए पर दी जाएंगी संपत्तियां

जेडीए ने खाली जमीनों व संपत्तियों को किराए पर देने के लिए किराए की दरें लागू कर दी है. आरक्षित दरों के आधार पर किराया तय किया गया है. जेडीए की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक जेडीए की खाली जमीनों व संपत्तियों का अस्थायी उपयोग ही किया जा सकेगा.

जेडीए की संपत्तियों पर किराया दर लागू: 
-1 से 3 दिन के लिए वार्षिक आरक्षित दर का 14 प्रतिशत,
-4 से 7 दिन के लिए वार्षिक आरक्षित दर का 13 प्रतिशत और
-8 से 90 दिन के लिए वार्षिक आरक्षित दर का 12 प्रतिशत होगा किराया
-जेडीए एक बार में अधिकतम 90 दिनों के लिए देगा किराया
-इसे बाद में जरूरत के अनुसार किया जा सकेगा नवीनीकृत
-प्रदेश का कोई भी निवासी,पंजीकृत संस्था,सामाजिक संस्था
-और व्यावसायिक इकाई कर सकेगी आवेदन
-आवेदन के साथ पैन कार्ड,आधार कार्ड करने होंगे प्रस्तुत
-आवेदन शुल्क 500 रुपए किया गया है निर्धारित
-बुर्किंग की स्वीकृति के समय ही आवदेक को करानी होगी जमा
-समस्त किराया की राशि एकमुश्त करानी होगी जमा
-कुल किराया राशि की 10% राशि करानी होगी जमा
-धरोहर राशि के रूप में करानी होगी जमा
-आवंटित भूमि का उपयोग केवल होगा अस्थायी गतिविधि के लिए
-किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण होगा पूरी तरह प्रतिबंधित
-आयोजन की अवधि के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, कचरा निस्तारण और
-किसी भी प्रकार की दुर्घटना/नुकसान की पूरी जिम्मेदारी होगी किराएदार की
-आवंटित स्थान का उप-लीज अथवा हस्तांतरण पूर्णतः रहेगा प्रतिबंधित  
-नियमों के उल्लंघन की स्थिति में किया जा सकेगा निरस्त
-किराया लाइसेंस तत्काल प्रभाव से किया जा सकेगा निरस्त