राजस्थान में मानसून फिर हुआ एक्टिव, अगले 4-5 दिन झमाझम बारिश के आसार

राजस्थान में मानसून फिर हुआ एक्टिव, अगले 4-5 दिन झमाझम बारिश के आसार

जयपुर : राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव हो गया है. अगले 4-5 दिन झमाझम बारिश के आसार हैं. पूर्वी राजस्थान में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है. मानसून ट्रफ लाइन सक्रिय, उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर बना परिसंचरण तंत्र से बारिश होगी. बीते 24 घंटे में सीकर ग्रामीण में 119 मिमी बारिश, सबसे अधिक वर्षा दर्ज हुई है.

जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में आज भारी बारिश की संभावना है. 22 से 26 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा. कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर समेत कई संभागों में भारी बारिश का अलर्ट है. जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर संभाग में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 1-2 स्थानों पर अति भारी बारिश की संभावना है.

जल संसाधन विभाग ने बारिश का आंकड़ा किया जारी:
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज हुई है. जल संसाधन विभाग ने बारिश का आंकड़ा जारी किया है. सीकर जिले में दो स्थान पर 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज हुई है. सीकर ग्रामीण में 119 MM और धोद में 116MM बारिश दर्ज. धौलपुर जिले में 7 स्थानों पर एक इंच से अधिक बारिश दर्ज, बाड़ी में 66 और बसेड़ी में 65 MM बारिश दर्ज हुई है. वहीं अलवर जिले में 5 स्थानों पर एक इंच से अधिक बारिश दर्ज हुई है. कठूमर में 44 और राजगढ़ में 39 MM बारिश दर्ज. भरतपुर जिले में 6 स्थानों पर एक इंच से अधिक बारिश दर्ज, वैर में 42 और रूपवास में 41 MM बारिश दर्ज हुई है. 

प्रदेश में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मिटा सूखा:
राजस्थान में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में सूखा मिटा है. 2 स्थानों पर अति भारी और 8 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई. सीकर के धोद और सीकर ग्रामीण में अतिभारी बारिश दर्ज की गई. धौलपुर के बाड़ी, बसेड़ी, बारां के शाहबाद, जयपुर के जालसू,  झुंझुनूं शहर और नवलगढ़ और सीकर शहर में भारी बारिश दर्ज की गई. राजस्थान में 67 स्थानों पर एक इंच से अधिक बारिश दर्ज हुई. जयपुर जिले में 14 स्थानों पर बारिश की उपस्थिति दर्ज हुई. 

मानसून की मेहर के बाद किसान फिर से लौटा खेत में :
पिछले 24 घंटे की बारिश ने बड़ी राहत दी है. मानसून की मेहर के बाद किसान फिर से खेत में लौट गए हैं. बारिश से खेतों में नमी के बाद किसानों ने खरीफ की बुवाई शुरू कर दी है. प्रदेश के 15 जिलों में किसान मानसून की झमाझम का इंतजार कर रहा था. अभी भी करीब 30 प्रतिशत एरिया में खरीफ की बुवाई बाकी है. बारिश का दौरा जारी रहा तो जुलाई में खरीफ का लक्ष्य पूरा हो सकेगा.