कमजोर मानसून ना पड़ जाए पेयजल-सिंचाई पर भारी ! पश्चिमी राजस्थान पर भारी पड़ सकती मानसून की कमजोरी, मानसून की झमाझम नहीं दे पाई बांधों का साथ

कमजोर मानसून ना पड़ जाए पेयजल-सिंचाई पर भारी ! पश्चिमी राजस्थान पर भारी पड़ सकती मानसून की कमजोरी, मानसून की झमाझम नहीं दे पाई बांधों का साथ

जयपुर: कमजोर मानसून पेयजल-सिंचाई पर भारी ना पड़ जाए ! पश्चिमी राजस्थान पर मानसून की कमजोरी भारी पड़ सकती है. मानसून की झमाझम बांधों का साथ नहीं दे पाई. पिछले साल से बांधों में जल भराव का आंकड़ा पीछे ही रह गया. पिछले मानसून बीसलपुर सहित 100 बांधों ने रिकॉर्ड तोड़ा था. 

इस मानसून बांधों के रिकॉर्ड बनाने का इंतजार ही रह गया. इस मानसून अब तक मात्र 17 प्रतिशत पानी प्रदेश के बांधों में आया, जबकि पिछले साल कुल भराव क्षमता का 47.44% पानी आ चुका था. मोटे तौर पर देखा जाए तो बांधों में पिछले साल से 30% पानी की कम आवक हुई. 

इस साल लबालब बांधों की संख्या मात्र 94 तक पहुंच पाई. जबकि पिछले साल अब तक 457 बांध लबालब हो चुके थे. पिछले साल सात बांधों से अब तक पानी की निकासी जारी थी. लेकिन इस साल मात्र कालीसिंध से पानी 0.5 मीटर पानी छोड़ा जा रहा. प्रदेश में पिछले साल अब तक 105 सूखे बंध रहे थे. लेकिन इस साल इनकी संख्या अब तक 203 पर बनी हुई.