जयपुर: राजस्थान में मानसून की मेहरबानी जारी है. बुधवार को जयपुर, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, सीकर, दौसा, भरतपुर, अलवर जिलों के कई इलाकों में 2 से 6 इंच बारिश हुई. भारी बारिश के कारण राजस्थान का मध्य प्रदेश से संपर्क कट गया. औगाड़ पुलिया बहने से सवाई माधोपुर-श्योपुरा मार्ग बंद हुआ. राजधानी जयपुर में 2.36 इंच रिकॉर्ड बारिश हुई. 22 जिलों में आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया. कल से राज्य में भारी बारिश का दौर थमेगा.
चंबल में आए तूफान ने ग्रामीणों का जीवन कर दिया अस्त-व्यस्त:
उफनती चंबल नदी से अब राहत की खबर आ रही है. करौली के मंडरायल करणपुर क्षेत्र में अब चंबल का जलस्तर 165.55 मीटर पहुंचा. हालांकि खतरे के निशान से अभी आधा मीटर जलस्तर ऊपर है. हालांकि अभी भी कुछ गांव पानी से घिरे हैं,संपर्क भी कटा हुआ, लेकिन अब जल स्तर घटने से पुलिस,प्रशासन और क्षेत्रीय ग्रामीणों को राहत है. चंबल में आए तूफान ने ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. कल आधा दर्जन गांवों से ग्रामीण रेस्क्यू किए गए थे.
धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से 9 मीटर ऊपर:
धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से 9 मीटर ऊपर है. बीसलपुर, कोटा बैराज भी ओवरफ्लो हुआ. राज्य में कई निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति है. अजमेर, जयपुर, बीकानेर व जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी व कहीं-कहीं अति भारी बारिश होने की संभावना है. कोटा, उदयपुर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की आमजन से चौकस रहने की अपील की है.विभिन्न विभागों के ग्राम स्तरीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखकर समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए. आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की बैठक में सीएम ने निर्देश दिए.
राजस्थान में मानसून मेहरबान:
आपको बता दें कि राजस्थान में मानसून मेहरबान है. मौसम विभाग के अनुसार आज अजमेर, जयपुर, बीकानेर सहित जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी व अति भारी बारिश की चेतावनी है. कोटा, उदयपुर, भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. दक्षिण-पूर्वी भागों में 1 अगस्त से भारी बारिश के सामान्य होने की संभावना है. शेखावाटी क्षेत्र व बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी 1 अगस्त को कहीं-कहीं भारी बारिश, राज्य में 2 अगस्त से वर्षा सामान्य रहने की संभावना है. पिछले 24 घंटे में सवाईमाधोपुर, बारां और टोंक के कई स्थानों पर 150 मिलीमीटर से भी ज्यादा वर्षा दर्ज की गई. बीसलपुर, कोटा बैराज ओवरफ्लो, चंबल ने कई जिलों में खतरे के निशान को पार किया.