राजस्थान पुलिस ने बनाया नया 'जन अभियोग प्रकोष्ठ', शिकायतों के निस्तारण की अब होगी निगरानी, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है. पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्राप्त होने वाले परिवादों की प्रभावी निगरानी और उनके निस्तारण की गुणवत्ता की जांच के लिए अब नया ‘जन अभियोग प्रकोष्ठ’ गठित किया गया है. यह प्रकोष्ठ शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ संबंधित शाखाओं, रेंज, जिला और पुलिस इकाइयों से समन्वय स्थापित करेगा.

नए प्रकोष्ठ का गठन अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, कम्युनिटी पुलिसिंग एवं जन अभियोग के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में किया गया है. प्रकोष्ठ में एएसपी, पुलिस निरीक्षक, उपनिरीक्षक सहित कुल छह अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस मुख्यालय पर आने वाली शिकायतों को केवल संबंधित इकाई तक भेजने तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उनके निस्तारण की प्रगति और गुणवत्ता की भी नियमित समीक्षा करना है.नए जन अभियोग प्रकोष्ठ को पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्राप्त शिकायतों के साथ-साथ संपर्क पोर्टल और सीसीटीएनएस के माध्यम से प्राप्त परिवादों की भी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है. शिकायत संबंधित शाखा, रेंज, जिला या अन्य पुलिस इकाई को भेजे जाने के बाद उसका निस्तारण हुआ या नहीं, समय पर कार्रवाई की गई या नहीं और शिकायतकर्ता को संतोषजनक जवाब मिला या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ द्वारा की जाएगी.इस व्यवस्था से शिकायतों को लंबित रखने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.प्रकोष्ठ का काम केवल यह देखना नहीं होगा कि शिकायत का निस्तारण हुआ या नहीं. शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी. इसके लिए प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण से संबंधित जानकारी का विश्लेषण किया जाएगा. आवश्यकता के अनुसार संबंधित शाखा अथवा पुलिस इकाई से तथ्यात्मक जानकारी भी ली जाएगी.    

प्रकोष्ठ शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर प्रतिवेदन और विश्लेषण तैयार करेगा. इन रिपोर्ट के आधार पर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और जहां आवश्यक होगा, वहां संबंधित अधिकारियों एवं इकाइयों से समन्वय कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा.नए प्रकोष्ठ को डीजीपी कार्यालय में प्राप्त परिवादों के निस्तारण की निगरानी की जिम्मेदारी भी दी गई है. इससे पुलिस महानिदेशक कार्यालय में पहुंचने वाली शिकायतों के मामले में भी संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा संभव होगी.पुलिस मुख्यालय की इस नई व्यवस्था को आमजन की शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब शिकायत मिलने से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक अलग तंत्र काम करेगा. इससे न केवल लंबित शिकायतों की पहचान हो सकेगी, बल्कि निस्तारण की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित स्तर पर सुधारात्मक कार्रवाई भी की जा सकेगी.