नई दिल्लीः PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे हो गए है. ऐसे में विकसित भारत संकल्प सभा में PM मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था ये पड़ाव भी आएगा. सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे हुए. जनता के निरंतर आशीर्वाद का परिणाम है. जनता के चरणों में शीश झुकाकर नमन. विनायक मंदिर में देशवासियों के लिए प्रार्थना की.
मेरे लिए जनता जनार्दन भी ईश्वर का ही रूप है. देश ने मुझे बहुत कुछ दिया. देश के लिए मेरा दायित्व भी है. 25 साल का जनविश्वास बड़ी पूंजी है. ये पूंजी सिर्फ मेरी नहीं, देश की है. देश के हर नागरिक का मुझ पर अधिकार है. मैं आज भी खुद को विद्यार्थी मानता हूं. सीखने की शक्ति कभी कम ना हो. जिसने मुझे गिराया उसने मुझे खड़ा होना सिखाया है.
विरोध करने वालों ने लोकतंत्र की शक्ति समझाईः
आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया है. विरोध करने वालों ने लोकतंत्र की शक्ति समझाई है. हर संकट मेरे धैर्य की परीक्षा. हर सिद्धि से लक्ष्य की ओर बढ़ने का साहस. मोरबी की बाढ़ ने मुझे सेवा सिखाई. आत्मनिर्भर भारत WE WILL DO IT. विकसित भारत WE WILL DO IT. तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था WE WILL DO IT.