जयपुर: राजस्थान के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब खातीपुरा रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की मौजूदगी में प्रदेश को तीन बड़ी सौगातें मिलीं. इस अवसर पर मेगा कोचिंग टर्मिनल का शुभारंभ किया गया, जयपुर (खातीपुरा) से बिहार के दरभंगा के लिए नई अमृत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई और विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विकसित की गई आधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण मांग आज पूरी हो रही है. उन्होंने कहा कि जयपुर से बिहार के दरभंगा के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से दोनों राज्यों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन राजस्थान के लिए बेहद ऐतिहासिक है.कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि खातीपुरा में बनने वाला मेघा कोचिंग टर्मिनल रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा. यहां प्रतिदिन लगभग 450 रेलगाड़ियों की सर्विसिंग की जा सकेगी, जिसके चलते इस टर्मिनल के निर्माण का निर्णय लिया गया.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में 1063 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और भारतीय रेलवे तेजी से नए आयाम स्थापित कर रही है.रेल मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आज “मखाने और घेवर का मिलन” हो रहा है. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जयपुर से लोग घेवर लेकर जाएं और मिथिला से लौटते समय मखाने लेकर आएं. उनकी इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जमकर ठहाके लगाए और माहौल खुशनुमा हो गया.इस मौके पर अश्विनी वैष्णव ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि खाटूश्यामजी क्षेत्र के सुंदरपुरा में नया रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि अगले एक वर्ष के भीतर यह स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे खाटूश्यामजी को रेलवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा.
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि जयपुर-दरभंगा ट्रेन की शुरुआत प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने रेल मंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जब वह राजसमंद से सांसद थीं, तब भी अश्विनी वैष्णव ने कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को गति दी थी. मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने के साथ-साथ पुष्कर से मेड़ता रेल लाइन को जोड़ने का कार्य भी उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है. उन्होंने कहा कि जो काम कभी असंभव लगता था, उसे आज सफलतापूर्वक पूरा किया गया है.दिया कुमारी ने कहा कि पहले रेलवे का बजट सीमित हुआ करता था, लेकिन आज रेलवे के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. विकसित भारत के निर्माण में भारतीय रेलवे की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और केंद्र सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है.
खातीपुरा रेलवे स्टेशन से शुरू हुई इन परियोजनाओं ने न केवल राजस्थान और बिहार के बीच संपर्क को मजबूत किया है, बल्कि प्रदेश के रेल ढांचे को भी नई गति दी है. नई ट्रेन, आधुनिक कोचिंग टर्मिनल और रेलवे स्टेशनों के विकास के साथ राजस्थान के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है.