जयपुर: राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर छात्र राजनीति एक बार फिर उबाल पर है. लंबे समय से छात्र संगठन और छात्रनेता चुनाव बहाल कराने की मांग कर रहे हैं और अब यह मांग कैंपस से सड़कों पर भी दिखाई देने लगी है. राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी में आज छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन हुआ. पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और फिर छात्रनेता अरविंद नागल के नेतृत्व में छात्रों ने चुनाव बहाली की मांग लेकर प्रदर्शन किया, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी देखने को मिली. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एबीवीपी के 15 से 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. वहीं बाद में प्रदर्शन कर रहे छात्रनेता अरविंद नागल समेत दर्जनभर छात्रनेताओं को भी हिरासत में लिया गया.
दरअसल सुबह करीब 12 बजे एबीवीपी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य द्वार लांघकर बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. पुलिस की समझाइश के बावजूद जब छात्र पीछे नहीं हटे तो दोनों पक्षों के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 से 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया. एबीवीपी के पदाधिकारी भारत भूषण यादव ने कहा कि जब सरकार निकाय और पंचायत चुनाव करा सकती है तो फिर छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं करा सकती. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और एबीवीपी छात्रहितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी.
एबीवीपी के प्रदर्शन के कुछ ही देर बाद छात्रनेता अरविंद नागल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और चुनाव बहाली की मांग के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय के दोनों मुख्य द्वार भी बंद कर दिए गए. जब छात्र नेता और छात्र मुख्य द्वार से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे तो पुलिस ने एक-एक कर दर्जनभर छात्रनेताओं को हिरासत में ले लिया.
छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी में आज जिस तरह दो अलग-अलग चरणों में प्रदर्शन हुए, उससे साफ है कि छात्र राजनीति में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है. एक तरफ एबीवीपी सरकार पर चुनाव कराने का दबाव बना रही है तो दूसरी ओर छात्रनेता भी लगातार आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. छात्र संगठनों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यदि जल्द छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए गए तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है. ऐसे में अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है.