दशहरे पर 'जलने' से पहले 'गल' गए रावण, जयपुर शहर में कई स्थानों पर बनाए जाते हैं रावण

दशहरे पर 'जलने' से पहले 'गल' गए रावण, जयपुर शहर में कई स्थानों पर बनाए जाते हैं रावण

जयपुर: जयपुर में हर साल दशहरे पर बड़े पैमाने पर रावण के पुतले बनाए जाते हैं, जो केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोज़गार का माध्यम भी हैं. रावण के पुतलों की बिक्री से ही कई लोग दीपावली की तैयारियाँ करते हैं -जैसे घर की सफाई, खरीददारी, बच्चों के कपड़े आदि. 

लेकिन नवरात्र की अष्टमी पर हुई भारी बारिश ने इन पुतलों को खराब कर दिया. नतीजतन, सड़कों और दुकानों पर बने रावण के पुतले गल (भीगकर टूट) गए, जिससे विक्रेताओं को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है. 

रावण बनाने और बेचने वालों की दीपावली अधर में लटक गई है. उनके सपनों और मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि इन पुतलों की बिक्री ही उनके लिए सबसे अहम होती है.  यह घटना दर्शाती है कि किस तरह प्राकृतिक आपदा (बारिश) से छोटे व्यापारियों और कारीगरों की जिंदगी प्रभावित हो जाती है — खासकर जब उनका व्यवसाय त्योहारों से जुड़ा होता है.

आपको बता दें कि राजधानी जयपुर में मौसम का मिजाज बदल गया है. कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हुआ. 22 गोदाम, सिविल लाइंस, सोडाला, रामबाग, टोंक रोड, सहकार मार्ग, सांगानेर, एयरपोर्ट, जगतपुरा, मालवीय नगर सहित कई इलाकों में बारिश हो रही है.