जयपुर : सरिस्का में बाघों की बढ़ती आबादी पर फिर संकट गहरा गया है. कोर क्षेत्र में रह रहे ग्रामीण तो बाघ भी अब रिहायशी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं. अकबरपुर रेंज सर्वाधिक संवेदनशील, मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग पूरी तरह ठप है. बाघिन ST-28 की मौत, 3 बाघ गायब चल रहे है.
एक के बाद एक बाघों के गायब होने से निगरानी तंत्र की कमजोरी उजागर हुई है. ST-22 के नर शावक कुंभा के पगमार्क 7 जनवरी के बाद से नहीं दिखे हैं. बाघिन ST-12 के नर शावक सांगा के पगमार्क 19 जनवरी को अंतिम बार देखे गए. बाघिन ST-12 का दूसरे शावक राणा 22 जनवरी से गायब था. जिसके आज पगमार्क मिले हैं.
बाघ ST-2401 भी पिछले वर्ष जून से लापता है. सरिस्का प्रशासन द्वारा सर्च ऑपरेशन तेज किया गया है. फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह कटियार खुद सघन मॉनिटरिंग कर रहे हैं. ST-28 का शव 24 घंटे से अधिक पुराना मिलने से फील्ड मॉनिटरिंग पर सवाल और गहरे हो गए हैं.
ST-24 भी 3 वर्ष से जमवारामगढ़ क्षेत्र में डेरा डाले हुए है. ST-2305 भी काफी समय से जयपुर जिले की सीमा पर विचरण कर रहा है. सरिस्का में टाइगर मॉनिटरिंग को दुरुस्त करना बेहद जरूरी हो गया है. अन्यथा हालात खराब हो सकते हैं.