RGHS में गड़बड़झाले पर भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, सीकर में 3 चिकित्सक शिक्षक समेत 7 डॉक्टर्स निलंबित

जयपुर : RGHS में गड़बड़झाले पर भजनलाल सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. सीकर में 3 चिकित्सक शिक्षक समेत 7 डॉक्टर्स निलंबित किए हैं. RGHS की परियोजना निदेशक डॉ.निधि पटेल की अनुशंसा पर कार्रवाई हुई है. सीकर मेडिकल कॉलेज से अटैच अस्पताल के अधीक्षक डॉ.कमल कुमार अग्रवाल, सह आचार्य डॉ.सुनील कुमार ढाका और डॉ.मुकेश वर्मा को निलंबित किया गया है.

निजी डायग्नोसिस सेंटर को फायदा पहुंचाने के लिए डॉक्टर्स ने खेल किया. कूटरचित पर्चे बनाकर सरकार के खजाने को लाखों की चपत लगाई. इसके अलावा सीकर के एसके अस्पताल के डॉ.गजराज सिंह, डॉ.SS राठौड़, डॉ.सुनील शर्मा और सीकर किरवा CHC के डॉ.राकेश कुमार को भी निलंबित किया गया है.

RGHS में अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई:
7 चिकित्सक निलंबित के अलावा एक अस्पताल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर FIR की गई है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देश पर एक्शन हुआ है. इससे पहले 19 FIR हो चुकी हैं, 64 कार्मिक निलंबित, 39 करोड़ की रिकवरी हुई है. चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने दी जानकारी है. 

उन्होंने बताया कि RGHS के सुचारू संचालन की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. योजना में ऑडिट के दौरान अनियमितताएं सामने आने पर एक्शन लिया गया. मेडिकल कॉलेज सीकर में कार्यरत अस्थि रोग विभाग के सह आचार्य डॉ.कमल कुमार अग्रवाल, डॉ.सुनील कुमार ढाका एवं जनरल मेडिसिन विभाग के सह आचार्य डॉ.मुकेश वर्मा,  CHC किरवा के डॉ. राकेश कुमार, एसके अस्पताल के डॉ. गजराज सिंह,  डॉ. एसएस राठौड़ तथा डॉ. सुनील शर्मा को निलंबित किया गया है.

लाभार्थियों के कार्ड का दुरुपयोग कर उठाए फर्जी क्लेम:
लाभार्थियों के कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी क्लेम उठाए गए. राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के CEO हरजीलाल अटल ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ऑडिट जांच रिपोर्ट में यह तथ्य गंभीर रूप से उजागर हुआ. भरतपुर स्थित कशिश फार्मेसी एवं भरतपुर नर्सिंग होम ने मिलीभगत कर राजकोष को भारी हानि पहुंचाई. जांच में पाया गया कि अस्पताल की डॉ.संगीता अग्रवाल RGHS में अनुमोदित नहीं थी. फिर भी RGHS का बोर्ड लगाकर लाभार्थियों को प्रलोभन दिया. 

अपने अस्पताल में RGHS कार्ड धारकों का इलाज किया एवं टीआईडी जनरेट करने के लिए उनके SSO आईडी पासवर्ड लिए तथा  उपचार उपरांत अपने ही अस्पताल की कशिश फार्मेसी से जांचें एवं दवाइयों को फर्जी तरीके से RGHS पोर्टल पर एडजेस्ट कर भुगतान प्राप्त किया. दोनों संस्थानों ने मिलीभगत कर लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर क्लेम स्वीकृत करवाने की कोशिश की. जिससे प्रत्यक्ष रूप से राजकोष को हानि पहुंची है. अस्पताल को RGHS योजना से पहले ही डी-एम्पेनल किया जा चुका है. अब FIR की कार्रवाई की जा रही है.

RGHS में गड़बड़ियों पर चिकित्सा विभाग की पैनी नजर:
RGHS में गड़बड़ियों पर चिकित्सा विभाग की पैनी नजर है.  योजना में अनियमितताएं करने वाले अस्पतालों, फार्मेसी सहित  लाभार्थियों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. विभागीय अधिकारियों की माने तो  गड़बड़ी पर अस्पताल एवं फार्मेसी के विरुद्ध 19 FIR दर्ज करवाई है.  अनियमितता पर 7 चिकित्सकों सहित 64 कार्मिकों को निलंबित किया गया है. करीब 500 कार्ड ब्लॉक किए गए हैं. और कार्ड के दुरुपयोग पर लाभार्थियों से करीब 2 करोड़ की राशि वसूल की गई है.

इसी प्रकार 33 अस्पतालों का टीएमएस एवं 39 अस्पतालों का भुगतान ब्लॉक किया गया है. साथ ही, 8 अस्पताल डी-एम्पेनल किए गए हैं. इन अस्पतालों से 32 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई है. इसी प्रकार 212 फार्मेसी का टीएमएस ब्लॉक किया गया और इनसे 5 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई है.