VIDEO: राजस्थान विधानसभा में बिल पर बहस के दौरान हंगामा, सभापति संदीप शर्मा और गोविंद डोटासरा में तीखी नोकझोंक, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में एक बिल पर बहस के दौरान सभापति संदीप शर्मा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच जमकर बहस हो गई. सदन में जमकर हंगामा हुआ, पक्ष विपक्ष आमने सामने हुआ और नारेबाजी भी हुई. हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी. आखिर स्पीकर वासुदेव देवनानी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले लंबे चले. विधानसभा की कार्यवाही आज सुबह से शाम तक शांतिपूर्ण चली थी और उम्मीद जताई जा रही थी कि आज बिना किसी नोंकझोंक के सदन चलेगा, लेकिन शाम ढलते ढलते स्थिति बदल गई.

अचानक सदन में हंगामा हो गया, सियासत गरमा गई और पक्ष विपक्ष आमने सामने हो गए. विपक्ष के निशाने पर आसन्न पर बैठे सभापति संदीप शर्मा थे, तो पक्ष के निशाने पर कांग्रेसी विधायक. दरअसल दुकान वाणिज्यिक अधिष्ठान बिल पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा में बोल रहे थे. करीब पांच मिनट ही हुए थे कि सभापति संदीप शर्मा ने हरिमोहन शर्मा को वक्त ध्यान दिलाते हुए घंटी बजाई. इस पर गोविंद सिंह डोटासरा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बिल पर बहस के दौरान किसी विधायक को घंटी बजाकर टोकने की परंपरा नहीं है. यह गलत हो रहा है. आप घंटी नहीं बजा सकते.

इसी बात को लेकर डोटासरा की सभापति से जमकर बहस और नोकझोंक हो गई. अमूमन शांत नजर आने वाले सभापति संदीप शर्मा भी एकाएक आक्रामक हो गए. तो कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी. डोटासरा ने हंगामे के बीच सभापति पर टिप्पणी करना जारी रखा. इस पर सभापति ने कहा- आपकी हरकतें सड़क छाप हैं. इधर सत्ता पक्ष सभापति के साथ खड़ा हो गया. सभापति से नोकझोंक करते देख मंत्रियों औ बीजेपी विधायकों ने कड़ा ऐतराज जताया. संसदीय कार्य मंत्री जोगराम पटेल, मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि आसान को धमकाया जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं होगा.

कांग्रेस विधायकों का हंगामा और नारेबाजी जारी रही, तो इस बीच संदीप शर्मा की जगह सभापति अर्जुनलाल जीनगर चेयर पर आ गए. जीनगर ने हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी. विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी आसन्न पर नजर आए. इस दौरान पक्ष व विपक्ष के विधायकों ने अपनी अपनी बात रखी. गोविंद डोटासरा ने कहा कि सभापति संदीप शर्मा ऐसे बात कर रहे थे जैसे कोई व्यकति नशे में हो, इनका मेडिकल टेस्ट करवाएं. स्पीकर ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि संदीप शर्मा उस वक्त सभापति के तौर पर चेयर पर थे, उनके खिलाफ इस तरह कमेंट नहीं कर सकते. यह कार्यवाही से निकाला जाएगा. वहीं संदीप शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि डोटासरा ने मानसिक विकृत व्यक्ति जैसी हरकतें कीं. मेडिकल टेस्ट इनका भी होना चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री जोगराम पटेल ने कहा कि आसान को धमकाया जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं होगा. सदन में बने गतिरोध पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि जो कुछ हुआ है, उसकी कल पूरी रिकॉर्डिंग देखी जाएगी और फिर फैसला होगा.

कुल मिलाकर आज स्पीकर वासुदेव देवनानी की सूझबूझ से ही सदन में गतिरोध खत्म हुआ, वरना जिस तरह से सभापति व विपक्ष आमने सामने हो गए थे और फिर पक्ष विपक्ष में भिड़ंत हो गई थी, उसको देखकर लग रहा था कि कहीं बात बिगड़ न जाए. भाजपा के विधायक तो गोविंद डोटासरा के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव लाने की रणनीति बनाने लगे थे, लेकिन कांग्रेस विधायकों ने दलील दी कि सभापति के व्यवहार के बाद उनकी प्रतिक्रिया थी. अब देखना यह होगा कि यह मामला यही खत्म हो गया या फिर कल सुबह स्पीकर वासुदेव देवनानी कोई बड़ा कदम उठाते है.
 
...योगेश शर्मा, एश्वर्य प्रधान के साथ नरेश शर्मा की रिपोर्ट