जयपुरः बीकानेर-बीना में देश के रणनीतिक तेल भंडार बनेंगे. मार्च 2026 में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से देश के सामने बड़ा ईंधन संकट खड़ा हो गया था. ज्यादा आयात, कम रिजर्व व सप्लाई का एक ही रास्ता होने के कारण ऊर्जा आपूर्ति चेन प्रभावित हुई थी. हालांकि केन्द्र सरकार ने इस खतरे को भांपकर 1990 के दशक में योजना बनाई थी, लेकिन पिछले 3 दशकों से योजना पर काम धीमा रहा है.
वहीं बीकानेर-बीना में प्रस्तावित दो नए रिजर्व अब देश की तेल भंडार की क्षमता बढ़ा सकते हैं. 9.5 दिन से बढ़ाकर 40 दिन देश की तेल भंडार की क्षमता पहुंचा सकते हैं. देश में मौजूदा भंडार सिर्फ 9.5 दिन का, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक 90 दिन है. दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता होने के बावजूद भारत एशिया के कई देशों से पीछे है.