नई दिल्ली : उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत खारिज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जमानत के आदेश पर रोक लगाई है. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की वेकेशन बेंच ने फैसला सुनाया है.
CJI ने SG से पूछा-'क्या आपका तर्क ये है कि अगर पीड़िता नाबालिग है ?' तो हाईकोर्ट का आदेश उचित नहीं कि आरोपी को लोकसेवक नहीं माना जा सकता.
सीबीआई की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि धारा 376 चाहे एक हो या दो.आजीवन कारावास तो है ही. चाहे 20 साल की सजा हो या आजीवन कारावास.
इस पर CJI ने CBI से पूछा कि क्या आप कह रहे हैं कि यदि पीड़ित नाबालिग है. तो लोक सेवक की अवधारणा अप्रासंगिक हो जाती है ?
SG ने कहा-'जी हां, भेदनकारी यौन हमला एक स्वतंत्र अपराध है. अब धारा 4 में सजा का प्रावधान है, संशोधन के बाद कुछ ऐसी स्थितियां हैं. जिनमें अपराध गंभीर हो जाता है, ये श्रेणियां हैं यदि व्यक्ति पीड़ित पर हावी स्थिति में हो.