जयपुरः सरकार के चुनाव के ऐलान के बाद कांग्रेस ने निकाय और पंचायत चुनाव जंग जीतने की अब तैयारियां शुरु कर दी है. जल्द ही चुनाव को लेकर दिग्गज नेताओं की जयपुर में अहम बैठक होगी. फिर विधानसभा पर्यवेक्षकों और जिलों के पीसीसी प्रभारियों को अहम चुनावी जिम्मेदारियां दी जाएगी. साथ ही चुनाव से जुड़ी कईं अहम कमेटियों का भी गठन होगा.
राजस्थान में एक बार फिर चुनावी चौसर बिछने वाली है. हाईकोर्ट में राजस्थान सरकार द्वारा चुनाव करवाने की घोषणा के बाद कांग्रेस अब निकाय औऱ पंचायत चुनाव की जंग की तैयारियों में जुट गई है. जल्द ही जयपुर में इसको लेकर पहले प्रभारी,नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी चीफ सहित अन्य सीनियर लीडर्स की एक अहम बैठक होगी. बैठक में चुनावी रणनीति को लेकर कई अहम फैसले लिए जाएंगे. कांग्रेस रणनीतिकार इन दोनों चुनाव को अगले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल मुकाबला मानते हुए मैदान में उतरेगी.
निकाय-पंचायत चुनाव की जंग की तैयारियों में जुटी कांग्रेस
जल्द जयपुर में पार्टी के सीनियर लीडर्स की होगी अहम बैठक
बैठक में चुनावी रणनीति सहित टिकट वितरण जैसे मसलों पर होगा मंथन
पीसीसी जिला प्रभारी और विधानसभा पर्यवेक्षकों को ही मिलेगी चुनावी टास्क
इसके अलावा कई चुनावी कमेटियों का भी होगा गठन
विधायक,सांसद,पूर्व मंत्री और सीनियर नेताओं को लिया जाएगा कमेटी में
प्रभारी,पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष करेंगे जिलों के दौरे
स्थानीय मुद्दों के साथ सरकार के अब तक के कामकाज जैसे मुद्दों पर लड़ेंगे चुनाव
बड़े नेताओं के साथ इस बार जिला अध्यक्षों को भी देंगे टिकट वितरण में तवज्जो
50 फीसदी टिकट 50 साल से कम आयु के नेताओं को दी जाएगी
वहीं कांग्रेस ने चुनाव से पहले एक कार्यकर्ताओं की मजबूत फौज भी तैनात कर दी है. हर वार्ड में वार्ड अध्यक्ष और उनकी कमेटी बना दी है. ऐसे ही ग्राम पंचायत अध्यक्ष और उनकी कमेटियां गठित हो चुकी है. कांग्रेस पार्टी इन अध्यक्षों और कमेटियों के जरिए चुनाव के दौरान अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेगी. हालांकि पहले की तरह टिकटों के वितरण में विधायक और वरिष्ठ नेताओं का दबदबा रहेगा. लेकिन इस बार संगठन सृजन के जरिए बने जिला अध्यक्षों की सिफारिश पर भी टिकट बांटे जाएंगे. वहीं पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा का कहना है कि सरकार के अब तक के कार्यकाल से जनता बेहद नाराज है. हर वर्ग वादे पूरे नहीं होने से दुखी है. इसलिए कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़ते हुए अच्छा प्रदर्शन करेगी.
आपको बता दे कि सियासी नजरिए से निकाय और पंचायत चुनाव काफी अहम होंगे. विधानसभा चुनाव से पहले यह एक तरह से सेमीफाइनल मुकाबला होगा. वहीं सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है. ऐसे में नतीजे सरकार के अब तक का कार्यकाल अच्छा रहा या बुरा रहा यह भी तय कर देंगे. लिहाजा कांग्रेस निकाय और पंचायत चुनाव की जंग जीतने के लिए कोई मौका नहीं चूकेगी.
निकाय और पंचायत चुनाव की जंग
कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां की शुरु
जल्द जयपुर में चुनावी रणनीति पर दिग्गज करेंगे मंथन
विधानसभा पर्यवेक्षक और पीसीसी जिला प्रभारियों को मिलेगी जिम्मेदारी
प्रभारी,पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष करेंगे दौरे
टिकट वितरण में लागू होंगे कईं फार्मूले
विधायकों के साथ जिला अध्यक्षों की चलेगी टिकटों में सिफारिश