जयपुर: सचिवालय में जर्जर हालत वाली भूमिगत पार्किंग की दशा सुधरने वाली है.इसे लेकर फर्स्ट इंडिया की खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और अब पार्किंग की रिपेयरिंग का काम शुरू हो गया है. पार्किंग रिपेयरिंग के लिए संबंधित कंपनी को 9 माह का वक्त दिया है जिसके बाद तस्वीर बदलने के आसार हैं. सचिवालय में भूमिगत पार्किंग के बदतर हालात को लेकर फर्स्ट इंडिया ने 3 जनवरी को खबर प्रसारित की थी जिसके तुरंत बाद हरकत में आए प्रशासन के चलते टेंडर जारी हुआ और अब यहां रिपेयरिंग का काम शुरू हो गया है.
क्या है हालत और क्या हुआ असर?:
-सचिवालय भूमिगत पार्किंग जिन खंभों पर टिकी है उनमें से कुछ खंभों में छत से पानी रिस रहा था.
-दरारें गहरी होने के चलते इसका हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिरने का अंदेशा बरकरार रहता है.
-ऐसे में इसे लेकर 3 जनवरी को फर्स्ट इंडिया पर खबर प्रसारित होने के बाद 5 करोड 42 लाख 61 हजार 870 रुपये का मरम्मत का कार्यादेश जारी हो गया.
-5 जनवरी से शुरू होने वाले काम को 4 सितंबर 2026 यानि 9 माह में पूरे करने की हिायत दी गई है. साथ ही इस काम में गुणवत्ता का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं.
अब क्या हो रहा है काम?:
-पार्किंग में कॉलम के ट्रीटमेंट का काम शुरू हो गया है.
-इसके तहत खंभे का जितना हिस्सा क्षतिग्रस्त है उसे हटाया जाएगा.
-पहले के कॉलम की चॉपिंग होगी और जहां तक गला हुआ सरिया है वहां तक तोड़ा जाएगा.
-फिर नया सरिया बांधेंगे यानि कॉलम की जैकेटिंग या रेट्रो फिटिंग होगी.
-रेट्रो फिटिंग सबसे अहम काम है जिसके तहत लूज कंट्रीट की रिपेयरिंग होगी.
-साथ ही पुराना सरिया और न गले इसलिए जिंक प्राइमर्स लगाया जाएगा.
कॉलम में छेद किया जाएगा:
-वहीं सरिया गलने से जो जगह खाली हो रही है उसे केमिकल से भरा जाएगा और फिर नया सरिया बांधने का काम शुरू होगा.
-माइक्रो कंक्रीट के जरिये साइज बढ़ाई जाएगी जिससे कॉलम और मजबूत हो सकेगी.यह कंक्रीटिंग को मजबूत बनाने की प्रक्रिया है.
-माइक्रो कंक्रीट के तहत 28 दिन के बजाय 3 दिन में कंक्रीटिंग होगी.
-फिर तराई के बाद रिपेयरिंग का काम पूरा होगा.
क्या है कारण और क्या किया जा रहा उपाय:
-दरअसल कुछ बीम या खंभे के अलावा बाकी जगह बीम ठीक है.
-लेकिन 3 एक्सपेंशन ज्वॉइंट में गार्डन के अंदर से लीकेज आ रहा है.
-इसके उपाय के तहत ज्वॉइंट से 3 जगह से मिट्टी हटाई जाएगी और गार्डन खुदेगा.
-48 मीटर एक्सपेंशन ज्वॉइंट की लंबाई और 10-15 मीटर चौड़ाई में गार्डन खुदेगा और फिर इन ज्वॉइंट की सीलिंग होगी ताकि गार्डन में लीकेज न आये.
-इसके लिए 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम को पूरा होने का इंतजार किया जाएगा.
-26 जनवरी के बाद करेंगे सीलिंग का काम
क्या है आगे की प्लानिंग?:
-आगे चलकर नए बन रहे नॉर्थ ब्लॉक भवन की 3 बेसमेंट की पार्किंग से इस फ्रंट पार्किंग के दूसरे बेसमेंट को मिलाया जाएगा
-वाहन फ्रंट पार्किंग से अंदर जाएंगे और उनका निकास नार्थ ब्लॉक से होगा.
-जो गाड़ियां नार्थ ब्लॉक में खड़ी होगी और वहीं से एक्जिट होगा वाहनों का
-नार्थ ब्लॉक में है 268 वाहनों की क्षमता जबकि फ्रंट पार्किंग में करीब 450 वाहन पार्किंग की है क्षमता. इस पूरी कवायद से नौ महीने में तस्वीर बदलने की पूरी उम्मीद है.