तपते थार का तांडव: जैसलमेर में 45.5°C पर पहुंचा पारा, धूप बनी आग, भट्टी सी तपती सड़कें और लू से थमा

जैसलमेर: राजस्थान के पश्चिमी छोर से भीषण गर्मी की बड़ी खबर सामने आ रही है. थार रेगिस्तान में बसे शहर जैसलमेर में गर्मी ने अपने तेवर बेहद खतरनाक कर लिए है. शनिवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहने के बाद, रविवार को भी यहां तपिश का प्रकोप लगातार जारी है. आज तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है. सुबह से ही सूरज की किरणें आग बरसाती महसूस हो रही हैं. जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, गर्म हवाएं लपटों की तरह चलने लगती हैं. दोपहर के समय हालात ऐसे हो जाते हैं कि सड़कें भट्टी की तरह तपने लगती हैं. बाहर निकलते ही शरीर झुलसने लगता है और कुछ ही मिनटों में पसीना बेहिसाब बहने लगता है.

शहर की सड़कों पर सामान्य दिनों की चहल-पहल गायब है. बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. दोपहिया वाहन चलाना मुश्किल हो गया है, वहीं कारों में भी एसी इस भीषण गर्मी के आगे बेअसर महसूस हो रहा है. गर्मी का असर सिर्फ आवाजाही पर ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है. अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे है. डॉक्टरों ने दोपहर के समय घर में रहने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है.

पानी और छांव की तलाश में राहगीर इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में हालात और भी कठिन हैं, जहां पेयजल की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. पशु-पक्षी भी इस भीषण गर्मी से बेहाल हैं. मौसम विभाग ने हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका जताई है.

प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की अपील की है. कुल मिलाकर, जैसलमेर इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. शनिवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहने के बाद, रविवार को भी यहां तपिश का कहर जारी है. सड़कें तप रही हैं, हवाएं झुलसा रही हैं और जनजीवन पूरी तरह गर्मी के असर में नजर आ रहा है. राहत की उम्मीद फिलहाल दूर दिखाई दे रही है.