जयपुरः पर्यटन सेक्टर को रोजगार का पावरहाउस बनाने की घोषणा की गई है. बजट 2026 में पर्यटन को रोजगार प्रधान और आर्थिक इंजन बनाने की घोषणा की. IIM के साथ मिलकर 20 प्रमुख स्थलों पर 10,000 गाइडों को प्रशिक्षण देने की योजना है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना का एलान किया गया गया है. डिजिटल विरासत और पर्यटन अनुभवों के लिये डिजिटलीकरण पर जोर दिया है. इको-टूरिज्म, ट्रेकिंग और बर्डवॉचिंग जैसे एक्टिविटी ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे. 5,000 करोड़ का प्रावधान मंदिर शहरों और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए रखा है.
पर्यटन स्थलों को हब में बदलने का ऐलान किया गया है. बजट 2026 में 15 प्राचीन स्थल विश्व-स्तर पर्यटन हब के रूप में विकसित होंगे. यह राशि पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण व सुविधाओं में खर्च होगी. रोजगार, विपणन तथा सांस्कृतिक अनुभव को उभारना इसका लक्ष्य होगा. पर्यटन अर्थव्यवस्था में स्थानीय उत्पादों को भी जोड़ा जाएगा. विश्व प्रसिद्ध स्थलों के इन्फ्रा और सेवाओं को अपग्रेड किया जाएगा. इससे भारत की वैश्विक पर्यटन छवि को मजबूती मिलेगी.
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का अनुमानित प्रावधानः
बजट में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का अनुमानित प्रावधान रखा. यह राशि रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण तथा यात्री अनुभव सुधार में खर्च होगी. नेटवर्क से धार्मिक, व्यापार और पर्यटन हब्स तेजी से जुड़े जाएंगे. मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हेतु विशेष इंफ्रा फंड का उपयोग होगा. यात्री यात्रा समय में कमी तथा आर्थिक गतिशीलता बढ़ेगी. रेल उपायों से रोजगार और पर्यटन प्रवाह दोनों को आगे बढ़ावा मिलेगा.
बजट लक्ष्य है 2026-27 में बुनियादी ढांचे को 12.2 लाख करोड़ कैपेक्स से सुदृढ़ करना. सड़क, रेल, लॉजिस्टिक हब और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में यह राशि खर्च की जाएगी. शहरों, पूर्वोत्तर और ग्रामीण कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर निधि अधिक उपयोग होगी. लाभार्थी ग्रामीण रोजगार और सेवा क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी. निवेश से निजी निवेशकों व वैश्विक साझेदारों को आकर्षित करने का लक्ष्य है. यह कैपेक्स भारत को विस्तारित आर्थिक विकास की नई दिशा देगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेशः
रोड व कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश, बजट में कैपिटल व्यय को बढ़ाकर लगभग ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है. हाई स्पीड रेल कॉरिडोर सहित 7 नए कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है. राष्ट्रीय जलमार्गों को 20 से अतिरिक्त एक्सपैंड किया जाएगा. सड़क और यातायात ढांचे को “फ्यूचर-रेडी” बनाने पर विशेष जोर है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में इन्फ्रा को मजबूती देने पर फोकस है. परिवहन सेक्टर में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए “रिस्क गारंटी फंड” का प्रस्ताव है.
रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित करने का ऐलानः
बजट 2026 में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ विकसित करने का ऐलान किया गया है. ओडिशा, आंध्र, केरल और तमिलनाडु को इस योजना में शामिल किया गया है. देश को इम्पोर्ट-डिपेंडेंस से मुक्त करने की दिशा में पहल है. खनन, प्रोसेसिंग और रिसर्च को एकीकृत कॉरिडोर मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. उच्च-टेक टूल रूम और डिजिटल फैसिलिटी निर्माण पर निवेश मिलेगा. खनिज समृद्ध राज्यों के आर्थिक विकास में यह परियोजना बड़ा रोल निभाएगी.
जलमार्ग कनेक्टिविटी तथा माल परिवहन का विस्तार होगाः
आम बजट में अगले 5 वर्षों में 20 नए National Waterways शुरू करने का प्रावधान है. इस निधि से जलमार्ग कनेक्टिविटी तथा माल परिवहन का विस्तार होगा. कोस्टल क्षेत्र के भविष्य-निवेश शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में प्रयोग होंगे. व्यापार मार्गों को संरक्षित व लागत-प्रभावी बनाया जाएगा. यह परियोजना ग्रामीण रोजगार और परिवहन विकल्पों को सशक्त करेगी. जलमार्ग विकास से लोजिस्टिक्स इकोनॉमी को व्यापक सतह मिलेगी.
बजट में Self Reliance India Fund में Rs 4,000 करोड़ अतिरिक्त आवंटित किया गया है. इस राशि से उभरते उद्यमों को पूंजी समर्थन मिलेगा. एमएसएमई को चरणबद्ध विकास व विस्तार योजना मिलेगी. रोजगार सृजन और उत्पादन क्षमता में सहायता प्रदान होगी. यह फंड संयुक्त अर्थव्यवस्था के विकास में पतली बैकबोन होगी. इससे छोटे उद्योग वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे.