जोधपुर के बासनी अग्निकांड में दो और फायर फाइटर्स की मौत, सुरेंद्र और प्रदीप ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, अब तक 3 फायर फाइटर्स की मौत

जोधपुर के बासनी अग्निकांड में दो और फायर फाइटर्स की मौत, सुरेंद्र और प्रदीप ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, अब तक 3 फायर फाइटर्स की मौत

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले के बासनी स्थित फैक्ट्री में आग लगने के बाद हुए ब्लास्ट के मामले में सोमवार को दो फायर फाइटर की मौत हो गई. इस हादसे में सुरेंद्र और प्रदीप इलाज के दौरान मौत हुई. हादसे में सुरेंद्र 60 प्रतिशत तक झुलस गए थे. घटना में अब तक 13 फायरकर्मियों में से तीन ने जान गंवाई. 6 गंभीर घायलों को जयपुर एसएमएस भेजा गया.

घायल फायर फाइटर्स 60 से 95 प्रतिशत तक झुलस गए थे. मृतक परिवार को सरकार 20 लाख रुपए देगी. परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी मिलेगी. घायल फायर फाइटर्स को 5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी. काम पर नहीं लौट पाने पर परिजन को संविदा नौकरी दी जाएगी. कलेक्टर आलोक रंजन ने सहायता की जानकारी दी. 

गौरतलब है कि बासनी में हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में 23 सितंबर की शाम करीब 5:30 बजे आग लगी थी. आग पर काबू पाने के लिए 35 फायर फाइटर्स की टीम पहुंची थी. कर्मचारी आग बुझाने में जुटे थे. इस दौरान छत से एक पत्थर केमिकल से भरे ड्रम पर आकर गिर गया था. इससे ब्लास्ट हो गया. इसमें फायर ब्रिगेड के कर्मचारी झुलस गए. दूसरे फायर फाइटर्स अपने साथियों को पिकअप और दमकल में लेकर हॉस्पिटल पहुंचे थे. 

आग इतनी भयानक थी कि रात 11 बजे के बाद एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड टीम को भी बुलाना पड़ा. 24 सितंबर की सुबह 5 बजे आग पर काबू पाया गया था, लेकिन सुबह 7 बजे आग फिर से धधक उठी, जिस पर फायर ब्रिगेड की टीम ने काबू पाया. इस हादसे में झुलसे 14 कर्मचारियों में से 6 फायर फाइटर्स को करीब 350 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस से महात्मा गांधी हॉस्पिटल से जयपुर के SMS अस्पताल भेजा गया था.