जयपुर: PKC-ERCP के पैकेज वन-बी के तहत आज से मोर सागर कृत्रिम जलाशय बनाने की दिशा में काम की शुरुआत हो गई. बीसलपुर बांध पर हैड रेगुलेटर बनाने का काम शुरू हो गया ताकि कुछ माह बाद नहरी तंत्र से पानी को पाइप लाइनों तक पहुंचाया जा सकेगा. अजमेर जिले की 16 लाख आबादी के लिए तैयार हो रहे कृत्रिम जलाशय में क्या कुछ रहेगा और कब तक तैयार होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले राजस्थान दौरे में PKC_ERCP के पैकेज वन-बी के पांच पैकेज का शिलान्यास किया था. पैकेज में शामिल बीसलपुर से मोरसागर कृत्रिम जलाशय के लिए निर्माण कार्य की शुरुआत आज से हो गई. बीसलपुर बांध पर हैड रेगुलेटर तैयार किया जा रहा है. जिससे 45 क्यूबिक मीटर पर सेकंड पानी आगे भेजा सकेगा. करीब 25 किलोमीटर तक नहरी तंत्र के बाद पानी लाइनों से आगे बढ़ाया जाएगा.
PKC_ERCP से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर
-बीसलपुर से मोरसागर तक कृत्रिम जलाशय के कार्य की शुरुआत
-बीसलपुर बांध पर आज हैड रेगुलेटर बनाने के कार्य की शुरुआत
-नहरी तंत्र और पाइप लाइनों से पहुंचाया जाएगा पानी
-मोर सागर कृत्रिम जलाशय और फीडर निर्माण कार्य होगा
-पुष्कर (अजमेर) तक पहुंचाया जाएगा करीब 200 एमक्यूएम पानी
-25 किलोमीटर नहरी तंत्र और 58 किलोमीटर तक डलेगी पेयजल लाइन
-टोरडी सागर बांध और लांबाहरिसिंह बांध पर बनाया जाएगा पंप हाउस
-भूमि अधिग्रहण सहित करीब 4700 करोड़ रुपए आएगी लागत
-अजमेर जिले की करीब 16 लाख की आबादी को मिलेगा पेयजल
-अजमेर और टोंक जिले में करीब 30 गांवों में चल रही भूमि अवाप्ति
-नसीराबाद, अराई, मालपुरा और टोडारायसिंह तहसील में 1137 हेक्टेयर भूमि अवाप्त
-जल संसाधन विभाग का दावा वर्ष 2028 तक पूरा होगा काम
जल संसाधन विभाग का दावा है कि भजनलाल सरकार वर्ष 2028 में फेज-बी के सभी चरणों को पूरा करेगी और पेयजल आपूर्ति के लिए चंबल का करीब 1200 एमक्यूएम पानी लिया जा सकता है। बीसलपुर से मोर सागर कृत्रिम जलाशय को लेकर भी दावा किया जा रहा है कि नहरी तंत्र और पाइप लाइनों के जरिए पानी आगे बढ़ेगा। अभी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है और अधिग्रहित भूमि पर पेयजल लाइन डालने का काम होगा.