भगवान के दर पर भी कोरोना का डर: संक्रमण को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित; पुजारी ही करेंगे पूजा पाठ, यात्रियों पर रहेगी रोक

भगवान के दर पर भी कोरोना का डर: संक्रमण को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित; पुजारी ही करेंगे पूजा पाठ, यात्रियों पर रहेगी रोक

देहरादून: कोविड मामलों में जबरदस्त उछाल (Tremendous Boom) के चलते अगले माह शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को स्थगित कर दिया गया है. यहां गूरुवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह (CM Tirath SIngh Rawat) रावत ने कहा कि महामारी की स्थिति के बीच यात्रा का संचालन संभव नहीं है.

मंदिरों के कपाट अपने नियत समय पर ही खुलेंगे:
हालांकि, उन्होंने कहा है कि चार धाम के नाम से मशहूर चारों हिमालयी धामों के कपाट अपने नियत समय पर ही खुलेंगे लेकिन वहां केवल तीर्थ पुरोहित (Shrine Priest) ही नियमित पूजा करेंगे. रावत ने कहा कि तेजी से बढ रहे कोविड मामलों को देखते हुए चारधाम यात्रा को फिलहाल स्थगित किया जाता है.

पुजारी ही पुजा पाठ करेंगे, यात्रियों पर रहेगी रोक:
रावत ने बताया कि वहां केवल पुजारी ही पूजा पाठ करेंगे, बाकी लोगों के लिए यात्रा बंद रहेगी. देश के अन्य हिस्सों की तरह उत्तराखंड (Uttrakhand) में भी कोविड मामलों में जबरदस्त वृद्धि हुई है. बुधवार को भी उत्तराखंड में रिकार्ड 6054 मरीजों में कोविड की पुष्टि हुई जबकि 108 अन्य ने महामारी से अपनी जान गंवा दी.

चौदह मई को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर उत्तरकाशी (Uttar Kashi) जिले में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलेंगे. रूद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ के कपाट 17 मई को जबकि चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ (Badri Nath) के कपाट उसके एक दिन बाद 18 मई को खोले जाएंगे.
 

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