रांची IND vs SA: टीम इंडिया की सात विकेट की जीत के बाद कप्तान धवन ने इन प्लेयर्स को दिया श्रेय, जानिए क्या कुछ कहा

IND vs SA: टीम इंडिया की सात विकेट की जीत के बाद कप्तान धवन ने इन प्लेयर्स को दिया श्रेय, जानिए क्या कुछ कहा

IND vs SA: टीम इंडिया की सात विकेट की जीत के बाद कप्तान धवन ने इन प्लेयर्स को दिया श्रेय, जानिए क्या कुछ कहा

रांची: भारतीय कप्तान शिखर धवन ने रविवार को यहां दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात विकेट की जीत का श्रेय टीम के ऑलराउंड प्रदर्शन को दिया.

दक्षिण अफ्रीका के 279 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने श्रेयस अय्यर (नाबाद 113) के शतक और इशान किशन (93) के साथ उनकी तीसरे विकेट की 161 रन की साझेदारी की बदौलत भारत ने आसान जीत के साथ तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर दी. इससे पहले गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज (38 रन पर तीन विकेट), शाहबाज अहमद (54 रन पर एक विकेट), कुलदीप यादव (49 रन पर एक विकेट) ने प्रभावित किया.

धवन ने मैच के बाद कहा कि गेंद अच्छी तरह से बल्ले पर आ रही थी लेकिन नीची रह रही थी इसलिए हमारी योजना पहले दस ओवर में गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाने की थी. लेकिन जैसे ही ओस पड़ने लगी तो गेंद फिसल रही थी. इसलिए बैकफुट पर खेलना आसान हो गया. मैं गेंदबाजों, खासकर शाहबाज से बहुत खुश हूं. उन्होंने पहले दस ओवरों में जिस तरह गेंदबाजी की और हमें सफलता दिलाई.

भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्हें खुशी है कि विरोधी कप्तान केशव महाराज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि टॉस अच्छा रहा, मैं खुश हूं. केशव को धन्यवाद कि उन्होंने बल्लेबाजी करने का फैसला किया. मुझे कहना होगा कि इशान और श्रेयस ने जिस तरह से साझेदारी बनाई वह देखने लायक था. महाराज ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ओस से इतना अंतर पैदा होगा.

हमने टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी करने का विकल्प चुना:
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि ओस इतनी बड़ी भूमिका निभाएगी इसलिए हमने टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी करने का विकल्प चुना. लेकिन श्रेयस और संजू को श्रेय जाता है. हमें उम्मीद थी कि यह पिच धीमी और नीची होगी लेकिन 20 ओवर के बाद पिच बेहतर हो गई.

अय्यर को नाबाद शतक जड़ने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया:
अय्यर को नाबाद शतक जड़ने के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया. उन्होंने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो मैं खुश हूं. जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मैंने इशान से बात की और वह गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की मानसिकता के साथ खेल रहा था. इसलिए हमने गेंद को योग्यता के आधार पर खेलने का फैसला किया. सोर्स- भाषा 

और पढ़ें