जयपुर रेलवे 24 अप्रैल से रद्द कर रहा शताब्दी का संचालन, इस माह के अंत तक कई अन्य ट्रेनें भी हो सकती है बंद

रेलवे 24 अप्रैल से रद्द कर रहा शताब्दी का संचालन, इस माह के अंत तक कई अन्य ट्रेनें भी हो सकती है बंद

जयपुर: रेलवे प्रशासन (Railway Administration) ने कम यात्रीभार (Passenger) को देखते हुए नई दिल्ली-दौराई-नई दिल्ली वाया जयपुर शताब्दी (Shatabdi) का संचालन रद्द कर दिया है. इसके साथ ही कई अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी संकट खड़ा हो गया है. 

ट्रेन संख्या 04051/52 दौराई (अजमेर)-नई दिल्ली-दौराई शताब्दी स्पेशल को 24 अप्रैल से आगामी आदेशों तक रद्द कर दिया है. रेलवे (Railways) बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस माह के अंत तक जयपुर-मुंबई दुरंतो, जयपुर-मुम्बई गरीब रथ, जयपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला डबल डेकर एसी स्पेशल और नई दिल्ली-अहमदाबाद वाया जयपुर राजधानी का संचालन भी बंद किया जा सकता है. बोर्ड इन सभी ट्रेनों के पैसेंजर ट्रैफिक यानि यात्रीभार का विश्लेषण कर रहा है. इन सभी ट्रेनों में 20 फीसदी से कम यात्रीभार आ रहा है. रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड इसके अलावा अन्य सभी ट्रेनों के यात्रीभार पर भी कड़ी निगरानी कर रहा है. जिन ट्रेनों में भी यात्री भार कम चल रहा है, एक-एक कर उनका संचालन बंद किया जा सकता है. कोरोना संक्रमण (Corona) का प्रसार कम होने पर फिर से इन ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकेगा.

ट्रेनों में महज 10 से 20 फीसदी सीटों पर बुकिंग:
- मंगलवार को दौराई-दिल्ली शताब्दी में 1092 में से मात्र 67 सीटें बुक हुईं
- बुधवार को दिल्ली-दौराई शताब्दी में 136 सीट बुक हुई, 963 खाली
- बुधवार को जयपुर-दिल्ली डबल डेकर में 131 सीटों की ही हुई बुकिंग, 1429 रही खाली
- कम यात्रीभार के चलते डबल डेकर के संचालन पर भी संकट
- बुधवार को दिल्ली से अहमदाबाद वाया जयपुर आने वाली राजधानी में 421 सीट खाली
- गुरुवार को जयपुर से मुंबई जाने वाली दुरंतो में 69 सीट खाली
- कम यात्रीभार के चलते रेलवे प्रशासन ट्रेन संचालन बंद करने को मजबूर

वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे प्रशासन को जोधपुर-दिल्ली वाया जयपुर मंडोर स्पेशल सहित करीब 10 से अधिक खाली दौड़ रही ट्रेनों को दूसरे रूटों पर संचालित करना चाहिए. इन ट्रेनों को मुंबई से राजस्थान आने वाले प्रवासियों और राजस्थान से यूपी, बिहार जाने वाले अप्रवासियों के लिए संचालित करना चाहिए. इससे एक तरफ जहां उन्हें ट्रेन से जाने की सुविधा मिलेगी. तो वहीं दूसरी ओर रेलवे को भी इससे राजस्व मिलेगा. हालांकि रेलवे को इंटर स्टेट और डिस्ट्रिक्ट ट्रेनों के संचालन को बंद नहीं करना चाहिए. ताकि रोजगार के लिए बड़े शहरों में रोजाना आने-जाने वाले लोगों को ट्रेन से आने-जाने की सुविधा मिल सके.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

और पढ़ें