VIDEO: भाजपा में चल रहे पोस्टर विवाद पर खुलकर बोली वसुंधरा राजे, कहा- मैं पोस्टर और होर्डिंग्स में नहीं, जनता के दिलों में रहना चाहती हूं

VIDEO: भाजपा में चल रहे पोस्टर विवाद पर खुलकर बोली वसुंधरा राजे, कहा- मैं पोस्टर और होर्डिंग्स में नहीं, जनता के दिलों में रहना चाहती हूं

झालावाड़: भाजपा (BJP) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) ने आज अपने गृह जिले झालावाड़ दौरे के दूसरे दिन भी शहर के डाक बंगले में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ आम जनता से मुलाकात कर उनके अभाव अभियोग सुने. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पोस्टर विवाद (Poster Controversy) पर भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी. 

पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि मैं पोस्टर और होर्डिंग में नहीं, जनता के दिलों में रहना चाहती हूं. मुझे खुशी है कि जनता के दिलों पर राज कर रही हूं. जब मैं मुख्यमंत्री थी तब भी मेरे समर्थक मेरे फोटो लगे पोस्टर लगवा देते थे और तब मैं नगर निगम से कहकर मेरे फ़ोटो लगे पोस्टर हटवाती थी. क्योंकि मैं कागजों में नहीं हूं, जनता के दिलों में हूं. उन्होंने कहा कि मेरी मां राजमाता सिंधिया ने भी शुरू से मुझे यही सिखाया है कि लोगों के दुख दर्द बांट कर उन्हें अपने गले से लगाओ और उनके दिलों में जगह बनाओ. 

राजे ने विधानसभा वार सभी भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की: 
आपको बता दें कि वसुंधरा राजे से मिलने के लिए डाक बंगले में सुबह से ही लोगों से मिलने शुरू हो गए थे. इस दौरान वसुंधरा राजे ने विधानसभा वार सभी भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की व जिले के विभिन्न मुद्दों को लेकर भी फीडबैक लिया तो वहीं इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में जिले में अतिवृष्टि व बाढ़ के हालात के साथ भाजपा में चल रहे पोस्टर विवाद पर भर्ती बेबाकी से बातचीत की.   

सरकार बाढ़ पीड़ित हर वर्ग को तुरंत राहत प्रदान करे:
इस दौरान पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने मीडिया से बातचीत मे कहा कि पिछले दो दिनों में मैंने बाढ़ ग्रस्त इलाकों का सर्वेक्षण किया है. झालावाड़ बारां समेत हाड़ौती अंचल में हालात काफी खराब है. जिले मे खेतों मकानों जानवरों का काफी नुकसान हुआ है. मैंने पिछले कई सालों में ऐसे खराब हालात नहीं देखे. ऐसे मे सरकार बाढ़ पीड़ित हर वर्ग को तुरंत राहत प्रदान करे. प्रारंभिक तौर पर सरकार तुरंत 2 माह के बिजली के बिल माफ करें तो वहीं अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में भोजन के पैकेट की भी व्यवस्था करें. 

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