VIDEO: राजस्थान विधानसभा में तीखी नोकझोंक, प्रश्नकाल में पक्ष-विपक्ष आमने-सामने, नेता प्रतिपक्ष की मंत्रियों से जबरदस्त बहस, देखिए ये रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार का प्रश्नकाल तंज, आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के नाम रहा. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई. नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र में विद्यालयों में विज्ञान संकाय खोलने के प्रश्न पर सदन का माहौल गरमा गया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की सरकार के मंत्रियों से नोकझोंक हुई. 

राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सोमवार को हुई नोकझोंक केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके पीछे स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी नजर आया. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में सत्ता पक्ष ने पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधकर विपक्ष को रक्षात्मक करने की रणनीति अपनाई. वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर सीधा जवाब न देने और राजनीतिक भाषणबाजी का आरोप लगाकर मुद्दों को जिंदा रखने की कोशिश की. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान ने बहस को और तीखा किया, जिससे आगामी राजनीतिक मुकाबले की झलक भी दिखी.

शिक्षा पर सामने-सामने:
विधायक रामस्वरूप लांबा के सवाल पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली आपस में उलझ गए. दिलावर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बोर्ड तो लगा दिए, लेकिन आवश्यक पद सृजित नहीं किए. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया. इस पर जूली ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्री सीधे सवाल का जवाब देने के बजाय राजनीतिक भाषण दे रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंकड़ों के पीछे छिप रही है. सरकारी सचेतक जोगेश्वर गर्ग और विपक्ष के बीच भी प्रश्न की प्रकृति को लेकर बहस हुई.

स्कूटी वितरण में अनियमितताओं पर मंत्री घिरे:
प्रश्नकाल में बगरू क्षेत्र में विधायक कोष से दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण का मुद्दा छाया रहा. विधायक कैलाश वर्मा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण पात्र दिव्यांगजनों को स्कूटी नहीं मिल पाई. इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने स्पष्ट किया कि हर वर्ष टेंडर प्रक्रिया के तहत एल-1 दर पर आवंटन किया जाता है. उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी की मिलीभगत नहीं है, बल्कि दस्तावेजों की कमी के कारण वितरण में देरी हुई. सदन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी के बीच विधायक कैलाश वर्मा और मंत्री अविनाश गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच “परफॉर्मेंस दिखाने की होड़” मची हुई है. इस टिप्पणी के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों से भाग रही है और मंत्री पर्ची आने के बाद भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे. मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और नेता प्रतिपक्ष के बीच भी बहस हुई. हंगामे के चलते सदन का माहौल गरमा गया और प्रश्नकाल के दौरान कई बार व्यवधान की स्थिति बनी रही.

ब्यावर के मालपुरा गांव की चारागाह भूमि का मामला: 
ब्यावर से विधायक शंकर सिंह रावत के सवाल पर राजस्व राज्यमंत्री हेमंत मीणा ने जानकारी दी कि ब्यावर के ग्राम पंचायत मालपुरा से प्रस्ताव प्राप्त हुए थे. 2 मार्च 2023 के अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर 24 दिसंबर 2024 को उपखंड अधिकारी ब्यावर को निर्देश दिए गए थे. बाद में 17 जनवरी 2025 की अधिसूचना के जरिए मालपुरा को नगर परिषद ब्यावर की सीमा में शामिल कर लिया गया है. अब प्रकरण डीएलबी को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में है और संबंधित भूमि का शीघ्र आवंटन किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जोधपुर के निर्देशों के अनुसार 1986 से पूर्व की बसावट के मानकों को ध्यान में रखकर निस्तारण किया जाएगा. विधायक रावत ने देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई.

गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में गड़बड़ी:
प्रदेश में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर मालवीय नगर विधानसभा कालीचरण सर्राफ ने सवाल किया. जिसके जवाब में गौतम कुमार दक ने कहा कि 14,500 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 7,852 लाभार्थियों को ₹38.46 करोड़ का भुगतान किया गया. बाड़मेर में अनियमितता का एक मामला सामने आने पर प्रबंध निदेशक को निलंबित कर 16 सीसी का नोटिस दिया गया है. अन्य मामलों में भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी. पूर्व सीएम की मौजूदगी में सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा “परफॉर्मेंस दिखाने की होड़” वाली टिप्पणी के बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया. बार-बार व्यवधान के बावजूद प्रश्नकाल जारी रहा, लेकिन दिनभर सदन का माहौल गर्माया रहा.