VIDEO: क्या अब कांग्रेस बदल रही है, 3 बैक टू बैक हुए फैसलों से गए बदलाव के बड़े संकेत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कर्नाटक में सत्ता और सीएम परिवर्तन का कदम उठाते हुए हाईकमान ने एक बड़े सियासी बदलाव का मैसेज दिया है. कांग्रेस में आसानी से सीएम चेंज की ऐसी तस्वीरों के कईं दशकों बाद दीदार हुए हैं. एक दौर में इंदिरा गांधी के जमाने में इस तरह सीएम बदलने के फास्ट और बोल्ड फैसले होते थे. कर्नाटक के फैसले के बाद कांग्रेस गलियारों में कईं तरह की अटकलों और कयासों का दौर तेज हो गया है.

पहले तमिलनाडु में डीएमके से गठबंधन तोड़ा औऱ फिर विजय को तुरंत समर्थन देते हुए सत्ता में हिस्सा लेने का फैसला किया. फिर केरलम में वेणुगोपाल के बजाय वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाना तय हुआ और अब कर्नाटक में सिद्धारमैया को सीएम हटाने का फैसला बैक टू बैक कांग्रेस में हुए इन तीन फैसलों को लेकर कांग्रेस गलियारों और राजनीति के जानकारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है. कोई इसे कांग्रेस में बड़े बदलावों का संकेत मान रहा है तो कोई इसको पुरानी परिपाटी से आजाद होकर अब नए तेवर औऱ कलेवर वाली कांग्रेस करार दे रहा है.

क्या वाकई अब बदल रही है कांग्रेस?
-पिछले  दिनों में बैक टू बैक लिए 3 बड़े फैसलों के कई सियासी मायने
-पहले तमिलनाडु में डीएमके से गठबंधन तोड़ा
-केरलम में वेणुगोपाल के बजाय वीडी सतीशन को सीएम बनाया
-अब कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन का बड़ा साहसिक निर्णय किया
-तीनों फैसले लेकर कांग्रेस हाईकमान ने सबको चौंकाया
-कांग्रेस गलियारों और सियासी जानकारों में इसको लेकर कईं अटकलें हुई शुरु
-इन फैसलों से इंदिरा गांधी के दौर की यादें हो गई ताजे
-इंदिरा गांधी के जमाने में रातों रात सीएम हटाने औऱ बदलने के होते थे निर्णय
-आने वाले दिनों में इन बदलावों के दिखेंगे दूरगामी परिणाम

हाईकमान की इन चौंकाने वाले फैसलों की हैट्रिक से कांग्रेस के नेताओं के एक खेमें में अब हलचल औऱ बेचैनी देखी जा रही है. ये नेता अब अपनी फ्यूचर की सियासत का गुणा भाग करने में अभी से जुट गए हैं. अन्य राज्यों की लीडरशिप भी अपने से जोड़कर इन फैसलों की पहेली सुलझाने में लगे हुए हैं. फैसलों के पीछे एक बड़ी बात यह भी निकलकर सामने आ रही है कि प्रियंका गांधी की इनमें पर्दे के पीछे से बड़ी भूमिका रही. केरलम सीएम और सिद्धारमैया को हटाने के फैसले में प्रियंका गांधी ने अहम सलाहकार का रोल निभाया.

कुल मिलाकर कांग्रेस के इन फैसलों से यकीनन अब हाईकमान का दबदबा और इकबाल बढ़ेगा. जानकार इसे नए युग की कांग्रेस के रुप में देख रहे हैं. क्योंकि इससे पहले राहुल गांधी की इमेज फैसलों को लटकाए रखने और अनिर्णय वाले लीडर की थी. खैर, अब देखते है कि दक्षिण में हुए इन फैसलों से उत्तर भारत की लीडरशिप और राजनीति में अब क्या बदलाव देखने को मिलता है.