जयपुर: कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का बयान सामने आया है. अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कमजोर मानसून और बारिश की कमी के कारण खरीफ की बुवाई में 30% तक की भारी गिरावट आना बेहद चिंताजनक है.
राज्य के 34 जिलों में किसान संकट में है. करीब 23 लाख हेक्टेयर खेतों में अब तक बुआई नहीं हो सकी. अब तो ऐसा लगने लगा है कि प्रदेश सूखे की चपेट में न आ जाए. अन्नदाता पर मंडराता यह संकट सीधे तौर पर आने वाले दिनों में आम जनता के लिए महंगाई का बड़ा कारण बनेगा.
गहलोत ने राज्य सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए. किसानों को वैकल्पिक बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए. बिजली-पानी की सुचारू आपूर्ति दी जाए. ताकि प्री मानसून में ही बुवाई कर चुके किसान अपनी बची हुई फसल को सुरक्षित कर सकें.
अशोक गहलोत का बयान:
-प्रदेश में कमजोर मानसून और बारिश की कमी के कारण...
'...खरीफ की बुवाई में 30% तक की भारी गिरावट आना बेहद चिंताजनक'
-राज्य के 34 जिलों में किसान संकट में है
-करीब 23 लाख हेक्टेयर खेतों में अब तक बुआई नहीं हो सकी
-अब तो ऐसा लगने लगा है कि प्रदेश सूखे की चपेट में न आ जाए
-अन्नदाता पर मंडराता यह संकट सीधे तौर पर आने वाले दिनों में आम जनता के लिए महंगाई का बड़ा कारण बनेगा
-गहलोत ने राज्य सरकार से किया आग्रह
-संकट की इस घड़ी में प्रभावित जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए
-किसानों को वैकल्पिक बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए'
-बिजली-पानी की सुचारू आपूर्ति दी जाए
-ताकि प्री मानसून में ही बुवाई कर चुके किसान अपनी बची हुई फसल को सुरक्षित कर सकें