जयपुर: तकनीक के जमाने में अब राजस्थान कांग्रेस भी पूरी तरह से हाईटेक और डिजिटल होती जा रही है.अब एक क्लिक पर कांग्रेस के करीब 16 लाख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का डाटा अवेलेबल है. कनेक्ट पोर्टल और वॉर रुम के जरिए तमाम गतिविधियों की डिजिटल और ऑनलाइन निगरानी होने लगी है. आखिर देर से ही सही लेकिन अब कांग्रेस पूरी तरह से हाईटेक और तकनीक से लैस होती जा रही है.अब पहले की तरह मेल औऱ डाक के जरिए राजस्थान कांग्रेस में होने वाले कामों पर ब्रेक लग चुके हैं.वॉर रूम और कनेक्ट पोर्टल के जरिए कांग्रेस में अब तकरीबन सारे कामकाज डिजिटली होने लगे हैं.पीसीसी से लेकर बूथ और मंडल तक अब सारी वर्किंग ऑनलाइन और डिजीटल हो चुकी है.
राजस्थान कांग्रेस हुई हाईटेक औऱ तकनीक से लैस:
-एक क्लिक पर 16 लाख पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं का डेटा उपलब्ध
-वार रुम और कनेक्ट सेंटर के जरिए सारा कामकाज हुआ डिजिटल
-पीसीसी,डीसीसी,ब्लॉक,मंडल,बूथ,ग्राम पंचायत और वार्ड अध्यक्षों का डेटा अवेलेबल
-वॉर रुम के हाथों में डिजिटल मॉनिटरिंग,फीडबैक सिस्टम और टास्क मैनेजमेंट की कमान
-डिजिटल ट्रेक रिकॉर्ड के जरिए हो रही है पदाधिकारियों की परफॉर्मेंस भी तैयार
-दिए गए टास्क की बाकायदा रियल टाइम चेकिंग भी होती है
-हर गतिविधि की फोटो,वीडियो अन्य डिजिटल सबूत भी होते है अपलोड
ट्रेनिंग के बाद अब जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों को पोर्टल का एक्सेस भी दे दिया है.पहले कांग्रेस में अधिकतर सारे कामकाज पुराने ढर्रे से जैसे टेलिफोनिक,मेल या फिर डाक के जरिए होते थे.फिर वाट्सएप के जरिए सूचनाएं प्रेषित होने लग गई थी.लेकिन डिजिटली कोई ऐसा मैकेनिज्म कांग्रेस में नहीं था जहां पेपरलेस वर्क किया जाए.लेकिन अब कांग्रेस ने अपने पुराने पारंपरिक तरीके को गुड बाय कह दिया है.
कांग्रेस कह सकते है कि अब कॉरपोरेट मॉडल के तौर पर संगठन का संचालन कर रही है.इससे पहले संगठन निर्माण के जरिए राजस्थान कांग्रेस हाईकमान की कई बार तारीफ बटोर चुकी है.चुनावी जंग में नो डाउट अब डिजिटल और तकनीक का भी रोल काफी अहम हो गया है.लिहाजा कांग्रेस ने अब सियासी जंग को जीतने के लिए हर तरीके से खुद को ढालना शुरु कर दिया है.