डूंगरपुर: डूंगरपुर जिले में मानसून की बारिश की देरी के बाद पिछले 5 दिनों में हुई बारिश के चलते किसानों ने आखिरकार खरीफ की बुवाई शुरू कर दी है. इस बार विभाग द्वारा जिले में कुल 1 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है. जिसमें मक्का और सोयाबीन की फसलें मुख्य हैं. इसके साथ ही किसानों को सीजन के दौरान खाद को लेकर भी किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने खाद का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया है.
डूंगरपुर जिले के कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह ने बताया कि जिले में मक्का और सोयाबीन मुख्य फसलें हैं. इस सीजन के लिए विभाग द्वारा जिले में कुल 1 लाख 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है. जिसमें जिले की सबसे प्रमुख फसल मक्का की बुवाई 55,000 हेक्टेयर क्षेत्र में करने का लक्ष्य रखा गया है.
इसके बाद दूसरे नंबर पर सोयाबीन की बुवाई 45,000 हेक्टेयर क्षेत्र में की जाएगी. जिले के जलभराव और सिंचित क्षेत्रों को देखते हुए 16,000 हेक्टेयर में धान की फसल का लक्ष्य है.
दलहन के अंतर्गत उड़द की बुवाई का लक्ष्य 8,000 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि जिले में मानसून की बारिश देरी से आने से बुवाई में इस बार देरी से शुरू हुई है.
यूरिया और डीएपी खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध:
इधर संयुक्त निदेशक दलीप सिंह ने बताया कि किसानों को बुआई के समय खाद की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग ने पहले से ही पर्याप्त भंडारण कर लिया है. उन्होंने बताया कि डूंगरपुर जिले में यूरिया खाद की 5 हजार मेट्रिक टन की डिमांड होती है जिसके मुकाबले 3500 मेट्रिक टन खाद विभाग के पास उपलब्ध है. वही डीएपी की 500 मेट्रिक टन की डिमांड के मुकाबले 390 मेट्रिक टन उपलब्ध है.