जयपुर: बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में तबादलों की भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और राजस्व मंत्री हेमंत मीणा आए थे प्रदेश बीजेपी कार्यालय. इन्हें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बुलाया था. जब मदन राठौड़ तक ये इतला मिली थी कि संगठन से भेजी गई तबादला परिवेदनाओं को नहीं माना मंत्रियों ने. तब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने मंत्रियों को तलब किया. कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर बात हुई.
राजस्थान में तबादला पॉलिटिक्स जारी है. बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने खुद कार्यकर्ताओं की परिवेदनाएं सुनी. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से मांग थी कि तबादलों पर प्रतिबंध को राज्य सरकार ने हटाया उसमें यथा संभव कर्मचारियों के तबादले किए गए अभी जो लोग आ रहे हैं उसमें भी है की यथासंभव उनकी समस्या का समाधान हो जाए लेकिन सबका समाधान हो पाना किसी भी राज्य सरकार के लिए संभव नहीं है किसी को किसी पद से हटाया जाता है तो उसकी तकलीफ होती है किसी को कहीं लगा दिया जाता है तब तकलीफ होती है.
तबादलों के सम्बन्ध में जब बीजेपी प्रदेश मुख्यालय को ये शिकायतें मिली कि उनके यहां से भेजी गई सूचियों पर गंभीरता नहीं बरती गई तब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मंत्रियों को तलब किया. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और राजस्व मंत्री हेमंत मीणा पहुंचे बीजेपी प्रदेश मुख्यालय. मदन राठौड़ ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से भी बात की. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि तबादले तो विभाग के हो चुके हैं पूरे सामान्य मुलाकात के लिए आया था प्रदेश कार्यालय संगठन में नियमित आने जाने की रहती है प्रक्रिया कई बार व्यवस्था में अति आवश्यक होती है कर्मचारियों की सेवाएं वहां पर किसी ने किसी अधिकारी कर्मचारी को लगाना होता है विभाग चलाने के लिए आवश्यक होती है फिर भी हमने ज्यादा से ज्यादा परिवेदनाओं के निस्तारण की कोशिश की.
सूत्रों के मुताबिक आपसी बातचीत में मंत्रियों ने अपनी पीड़ा भी बीजेपी प्रदेश नेतृत्व के सामने रख दी. ब्यूरोक्रेसी को लेकर कुछ मंत्रियों ने अपनी आपबीती सामने रख दी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का मंत्रियों से साफ कहना था कि पार्टी की अधिकृत सूची पर गंभीरता बरती जाए और मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखा जाए.