लोकसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा, अमित शाह बोले- विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध किया, ये तरीकों का नहीं बिल का विरोध है

लोकसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा, अमित शाह बोले- विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध किया, ये तरीकों का नहीं बिल का विरोध है

नई दिल्ली : लोकसभा में महिला आरक्षण पर चर्चा जारी है. बिल पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए सभी सदस्यों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि  विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध किया. ये तरीकों का नहीं बिल का विरोध है. बोलने के लिए सब ने कहा-हम साथ है. संविधान में परिसीमन का प्रावधान है.

बिल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है. जिसकी संख्या बढ़ेगी, उसकी सीट बढ़ेगी. परिसीमन का विरोध SC/ST का विरोध है. इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक पर सदन में लगभग 133 सदस्यों ने अपनी बात रखी, जिनमें से 56 सदस्य महिलाएं थीं. यह अपने आप में एक रिकॉर्ड साबित होगा.

मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि अगर वे परिसीमन के मामले में हमारा समर्थन करते हैं, तो सभी निर्वाचन क्षेत्रों में हर वोट का मूल्य बराबर होगा, 2029 में महिला आरक्षण देना है तो परिसीमन जरूरी है. विपक्ष सब जानते हुए भी अनजान बना हुआ है. 127 सीटें ऐसी जहां 20 लाख वोटर हैं. कांग्रेस ने देश को परिसीमन से वंचित रखा.

विपक्ष भ्रांतियां फैलाना चाहता है:
कोरोना की वजह से समय पर जनगणना नहीं हो पाई. हर राज्य में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ा रहे हैं. देश में जातीय जनगणना भी होगी. विपक्ष को जाति जनगणना से मतलब नहीं है. विपक्ष भ्रांतियां फैलाना चाहता है. जाति जनगणना का पहला चरण चल रहा है. उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश नहीं बंटने देंगे. उत्तर-दक्षिण का भेद नहीं होने देंगे.

भाजपा को धर्म आधारित आरक्षण नामंजूर:
गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि चुनाव में महिलाएं इनसे (कांग्रेस) हिसाब मांगेंगी. इनको भागने का रास्ता नहीं मिलेगा. भाजपा को धर्म आधारित आरक्षण नामंजूर है. आरक्षण पिछड़े वर्ग के लोगों को है. संविधान में धार्मिक आरक्षण की बात नहीं है. सरकार और BJP की नीति स्पष्ट है.

कांग्रेस पार्टी OBC की सबसे बड़ी विरोधी:
धर्म आधारित आरक्षण ना देंगे और ना देने देंगे. कांग्रेस पार्टी OBC की सबसे बड़ी विरोधी है. 1980 में मंडल आयोग के सुझाव नहीं माने. मंडल आयोग के सुझाव ठंडे बस्ते में डाल दिया. कांग्रेस ने किसी OBC को प्रधानमंत्री नहीं बनाया. OBC को असली ताकत हमारी सरकार ने दी है. मोदी सरकार के 40 फीसदी मंत्री OBC हैं.