भजनलाल सरकार के 'भागीरथी' प्रयास से पानीदार होगी मरुधरा, यमुना, नर्मदा, चंबल, सतलुज नदियां देंगी राजस्थान को जल सुरक्षा

भजनलाल सरकार के 'भागीरथी' प्रयास से पानीदार होगी मरुधरा, यमुना, नर्मदा, चंबल, सतलुज नदियां देंगी राजस्थान को जल सुरक्षा

जयपुर : भजनलाल सरकार के 'भागीरथी' प्रयास से मरुधरा पानीदार होगी. प्रदेश में कई जल परियोजनाओं से मरुभूमि पानीदार होने जा रही है. यमुना, नर्मदा, चंबल, सतलुज नदियां राजस्थान को जल सुरक्षा देंगी. कभी देश का सर्वाधिक जल अभावग्रस्त राजस्थान अब बदल रहा है.

जल प्रबंधन और अंतर-नदीय जल परियोजनाओं से नया अध्याय लिख रहा है. 2 लाख करोड़ से ज्यादा की इन योजनाओं का उद्देश्य यमुना, चंबल, नर्मदा, माही, अनास, जाखम, बनास, सतलुन, व्यास, रावी नदियों का पानी हर क्षेत्र में पहुंचाना लक्ष्य है. 

राजस्थान की जल रणनीति का सबसे बड़ा आधार राम जलसेतु परियोजना है. PKCL परियोजना से 17 जिलों की सवा तीन करोड़ आबादी को पेयजल मिलेगा. ऐसे ही 29 जून को राजस्थान-हरियाणा यमुना जल समझौता ऐतिहासिक हुआ. 

पश्चिम राजस्थान में नर्मदा जल विस्तार परियोजना क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी. दक्षिण राजस्थान में देवास परियोजना, बागोलिया फीडर तथा खारी फीडर पर कार्य सरकार इन परियोजनाओं निर्धारित समय में पूरी कर नये आयाम स्थापित करेगी.