जयपुरः वित्त मंत्री दीया कुमारी बजट पेश कर रही है. 3 लाख किसानों को ड्रिप-स्प्रिंकलर. 50 हजार नए सोलर पंप और ₹11,300 करोड़ का बजट. साल 2030 तक बुवाई का रकबा बढ़ाकर 51% करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. पानी की बचत और पैदावार बढ़ाने के लिए 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप/स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे. इससे 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे और इस पर ₹1,340 करोड़ खर्च होंगे. सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल ₹11,300 करोड़ से ज्यादा के काम कराए जाएंगे. बीसलपुर परियोजना की मुख्य नहर के 5,000 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में खर्च किए जाएंगे. फव्वारा पद्धति से सिंचाई के लिए ₹100 करोड़ खर्च किए जाएंगे. सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अगले साल 50,000 नए सोलर पंप प्लांट लगाए जाएंगे. इस पर सरकार ₹1,500 करोड़ खर्च करेगी.
ब्याज माफी' का बड़ा तोहफाः
किसानों को 'ब्याज माफी' का बड़ा तोहफा दिया है. मशीनों पर ₹160 करोड़ की सब्सिडी और 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर बनेंगे, नहरी क्षेत्रों के किसानों और खेती को आधुनिक बनाने के लिए बड़ी राहत. उपनिवेशन क्षेत्र (Colonization area) के किसानों के लिए 'एकमुश्त समाधान योजना' का ऐलान किया गया है. अगर आवंटी अपनी बकाया राशि 1 अप्रैल 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच जमा करते हैं. तो उन्हें ब्याज में 100% की छूट मिलेगी. खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि यंत्रों पर ₹160 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा. इससे प्रदेश के 50,000 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. जिन किसानों के पास खुद की मशीनें नहीं हैं उनकी सुविधा के लिए ₹96 करोड़ की लागत से 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे. यहां से किसान वाजिब दरों पर आधुनिक मशीनें किराए पर ले सकेंगे.
कृषि विश्वविद्यालयों में 443 रिक्त पदों पर भर्ती होगीः
दलहन व तिलहन की 70 हजार प्रदर्शनी का आयोजन होगा. 5 हजार से अधिक आबादी वाली 3 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में वर्मी कंपोस्ट स्थापित होगी. राज एप विकसित किया जाएगा, इससे कृषि में तकनीकों से फसलों की नवीनतम जानकारी मिलेगी. खारे पानी की उपलब्धता वाले क्षेत्रों को सस्ती दर पर बिजली मिल सकेगी. कृषि विश्वविद्यालयों में 443 रिक्त पदों पर भर्ती होगी. सीकर, चूरू, झुंझुनूं के यमुना जल समझौते की याद दिलाई. 32 हजार करोड़ की लागत के काम शीघ्र ही शुरू होंगे. राज्य में 3 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित किए जाएंगे. टोंक जिले की बीसलपुर परियोजना की दाईं मुख्य नहर के 5 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा का काम 100 करोड़ में होगा. इससे 10 हजार 500 किसान लाभान्वित होंगे.
किसानों को ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त लोनः
किसानों को ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त लोन, कृषि विश्वविद्यालयों में भर्ती और 'मिशन राज गिफ्ट' का ऐलान किया गया है. राज्य के 35 लाख से ज्यादा किसानों को बड़ी राहत देते हुए लक्ष्य रखा है. ₹25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त अल्पकालीन लोन बांटने का लक्ष्य रखा है. सरकार इस पर ₹800 करोड़ का ब्याज अनुदान देगी. कृषि शिक्षा को मजबूती देने के लिए विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा. इस साल 445 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी. किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 'मिशन राज गिफ्ट' की स्थापना की जाएगी. साथ ही मंडियों में इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता विकास के काम होंगे. ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस और शेड नेट जैसी आधुनिक सुविधाओं के लिए अनुदान. 4,000 किसानों को ₹200 करोड़ का अनुदान मिलेगा. किसानों को गर्मी और बारिश से बचाने के लिए मंडियों में शेड निर्माण और अन्य कार्यों पर ₹350 करोड़ खर्च किए जाएंगे. नवगठित जिलों में जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार खोले जाएंगे. नॉन-फार्मिंग सेक्टर के लिए ₹590 करोड़ के खर्चे पर 5% ब्याज अनुदान दिया जाएगा. जिससे 25,000 लोग लाभान्वित होंगे.
2.5 लाख किसानों को फ्री बीज मिलेंगेः
2.5 लाख किसानों को फ्री बीज मिलेंगे. हर पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट होगी. प्रदेश के 2.5 लाख से ज्यादा किसानों को दलहनी (दालें) और तिलहनी फसलों के उन्नत किस्म के बीजों का वितरण किया जाएगा. इस योजना पर सरकार ₹135 करोड़ खर्च करेगी, जिससे उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है. मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और जैविक खेती को हर गांव तक पहुंचाने के लिए घोषणा की. प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की जाएगी. बीज से लेकर खाद तक की व्यवस्था कर सरकार ने खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है.