VIDEO: यूथ वोट बैंक के लिए कांग्रेस का एक्शन प्लान, 45 दिन का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी कांग्रेस, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: सत्ता में आने की जद्दोजहद में जुटी कांग्रेस का इन दिनों अब पूरा फोकस यूथ वोट बैंक पर है. इसके लिए पहले राहुल गांधी ने कोटा में छात्रों की गूंज प्रोग्राम को लॉन्च किया. अब कांग्रेस ने देशभर में इसको लेकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का फैसला लिया है. यह अभियान 25 जून से लेकर 9 अगस्त तक चलेगा. अभियान के तहत जनसंपर्क,प्रेस कॉन्फ्रेंस औऱ स्टूडेंट्स से संवाद जैसे कईं आयोजन होंगे. 

कांग्रेस पार्टी इन दिनों युवाओं से जुड़े मुद्दे जैसे पेपर लीक,परीक्षा प्रणाली और बेरोजगारी को लेकर काफी मुखर है. राहुल गांधी ने कोचिंग सिटी में युवाओं को प्रभावित करने के लिए छात्रों की गूंज प्रोग्राम का आगाज किया. प्रोग्राम के रिस्पॉन्स को देखते हुए कांग्रेस रणनीतिकारों ने अब इसको देशभर में चलाने का फैसला लिया है. इसके लिए 45 दिनों का एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा. देश के 28 प्रमुख शहरों में अभियान के तहत कईं कार्यक्रम होंगे. अग्रिम संगठन यूथ कांग्रेस औऱ एनएसयूआई को हाईकमान ने इस अभियान की विशेष जिम्मेदारी दी है.

कांग्रेस का अब यूथ वोट बैंक को लुभाने का एक्शन प्लान
-पेपर लीक,परीक्षा प्रणाली और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विशेष फोकस
-कोटा में राहुल गांधी ने किया था छात्रों की गूंज प्रोग्राम लॉन्च
-अब 45 दिनों का एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी कांग्रेस
-यूथ कांग्रेस और NSUI को दी अभियान की पूरी जिम्मेदारी
-25 जून से 9 अगस्त तक चलेगा 28 शहरों में यह अभियान
-अभियान के तहत इन शहरों में होंगे कईं कार्यक्रम
-जनसंपर्क,छात्रों से संवाद,प्रेस कॉन्फ्रेंस औऱ सोशल मीडिया कैंपेन जैसे होंगे कार्यक्रम
- कोचिंग संस्थानों वाले अधिकतर शहरों को अभियान में किया जाएगा शामिल
-राजस्थान में कोटा,सीकर औऱ जयपुर में होगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

खास बात है कि राहुल गांधी के विदेश दौरे के चलते फिलहाल प्रियंका गांधी पर्दे के पीछे से अब इस अभियान को लीड करेगी. इस अभियान के तहत कांग्रेस स्टूडेंट्स से जुड़े तीन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करेगी. मौजूदा परीक्षा सिस्टम में बदलाव करने,शित्रा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा-भर्ती कैलेंडर की मांग कांग्रेस अभियान के तहत उठाएगी. इसके अलावा अभियान में जिला कांग्रेस कमेटियां भी सहयोग करेगी. वहीं शिक्षाविद,पेरेंट्स, कोचिंग संस्थान औऱ वहां पढ़ने वाले छात्रों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा.

दरअसल कांग्रेस रणनीतिकारों का असल सियासी मकसद इस अभियान के पीछे युवा वोट बैंक को लुभाना है. कांग्रेस थिंक टैंक को लगता है कि अगर सत्ता हासिल करनी है तो युवाओं का समर्थन पहले पाना होगा. इसके लिए उनकी पढाई से लेकर नौकरी तक हर वो मुद्दा उठाना होगा जो यूथ से जुड़े हुए है. अब देखते  है कांग्रेस के इस अभियान से युवा शक्ति कितनी इम्प्रेस होती है.