VIDEO: राजस्थान में नियुक्तियों का काउंटडाउन ! भाजपा ने राजनीतिक नियुक्तियों का होमवर्क किया पूरा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में सियासी नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई. सीएम भजन लाल शर्मा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़,संगठन महामंत्री अजेय कुमार के बीच बैठकें भी हुई ,विचार परिवार से राय भी जानी गई है.

राजस्थान में एक बार फिर राजनीतिक और संवैधानिक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है. आरपीएससी और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में हालिया नियुक्तियों के बाद अब बोर्ड, आयोग, निगम और अकादमियों के रिक्त पदों पर दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है. इसी साल पंचायत और निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में सरकार और संगठन दोनों स्तर पर समीकरण साधने की कोशिश मानी जा रही है. पिछले दिनों भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरों को भी इसी संदर्भ में जोड़ कर देखा जा रहा है. करीब 11 महीने बाद शुरू हुई नियुक्तियों की इस कवायद ने नेताओं की जयपुर से दिल्ली तक दौड़ बढ़ा दी है. ढाई साल से पेंडिंग पड़ी नियुक्तियों को लेकर भले कांग्रेस साल उठा रही हो लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने साफ कर दिया कि संगठन के स्तर पर सूचियां तैयार कर ली गई है. अब मुख्यमंत्री को घोषणा करनी बाकी है जो कभी भी हो सकती है. पेश है एक रिपोर्ट ...मदन राठौड़ बोले होम वर्क पूरा हो गया.

भजन लाल सरकार ने अब तक राज्य सरकार राजस्थान धरोहर संरक्षण प्राधिकरण, किसान आयोग, राज्य जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड, सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग, देवनारायण बोर्ड, _श्रीयादे माटी कला बोर्ड,_ विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड, राज्य वित्त आयोग, आरपीएससी और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित कई संस्थाओं में नियुक्तियां कर दी है, सभी में विचार परिवार की राय को तवज्जों दी गई. लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में बोर्ड , निगम और आयोग ऐसे हैं जहां पर नियुक्तियों का इंतजार है. मुस्लिमों से जुड़े बोर्ड आयोगों में अभी तक कांग्रेस के चेहरों ने कमान संभाल रखी है.

--- सियासी नियुक्तियों का महत्व ---
-संगठन में सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारी देना
-क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाना
-सरकार और जनता के बीच समन्वय बढ़ाना
-विशेष क्षेत्रों के लिए नीति सुझाव तैयार करना
-चुनावी तैयारी से पहले राजनीतिक ऊर्जा बनाए रखना

--- ये महत्वपूर्ण पद रिक्त ---
राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड, बीस सूत्री कार्यक्रम एवं समन्वय समिति, राज्य महिला आयोग, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राज्य उपभोक्ता आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, विप्र बोर्ड, देवस्थान बोर्ड सिंधी, उर्दू समेत विभिन्न अकादमियां 12 हजार से ज्यादा नेता-कार्यकर्ताओं को सरकार में विभिन्न जगहों पर कर सकती है एडजस्ट.
- 110 से ज्यादा बोर्ड-आयोगों यूआइटी अध्यक्षों की नियुक्ति होनी है

राजेंद्र राठौड़, अशोक परनामी, प्रभु लाल सैनी, राजपाल सिंह शेखावत, संतोष अहलावत , मानवेंद्र सिंह जसोल, सुशील कटारा, चंद्र कांता मेघवाल समेत प्रमुख नाम चर्चा सियासी नियुक्तियों को लेकर चर्चा में है.