जयपुरः निकाय और पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हैं. इसी सियासत में सबसे अहम पद हैं राजस्थान की राजधानी यूँ कहे पिंक सिटी कहे जाने वाले जयपुर का मेयर बनना. कमोबेश जयपुर के मेयर पद पर बीजेपी का ही दबदबा रहा. जयपुर का मेयर बनने के बाद दिग्गजों ने सियासत की बुलंदियों को छुआ. अशोक परनामी तो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के पद तक पहुंचे.
सवाई राजा जयसिंह का बसाया जयपुर आज विश्व प्रसिद्ध हैं तंत्र,मंत्र, विधि विधान और वास्तु के अनुसार जयपुर का निर्माण किया गया था. गुलाबी शहर के तौर पर विख्यात जयपुर को देखने के लिए लाखों देसी विदेशी पर्यटक सालाना आते हैं. इसी विश्व प्रसिद्ध जयपुर शहर का मेयर बनना भी अपने आप में किसी भी नेता के लिए गौरव पूर्ण क्षण रहता हैं. राजनीतिक तौर पर जयपुर में आजादी के बाद से ही जनसंघ और बीजेपी का दबदबा रहा यही कारण हैं आपको बताते हैं कौन कौन रहा बीजेपी से जयपुर का मेयर. सीधे चुनावों में जरूर कांग्रेस ने अपना मेयर बनवा लिया लेकिन जयपुर में नगर निगम बना था तब से लेकर अब तक करीब 32 सालों में कांग्रेस एक बार भी जयपुर नगर निगम में बोर्ड बनाने में सफल नही रही हुई. हालांकि, एक बार महापौर के प्रत्यक्ष चुनाव में जरूर पार्टी को सफलता मिली जब ज्योति खंडेलवाल कांग्रेस के टिकट पर सुमन शर्मा को हराकर मेयर बनी थी. हालांकि तब भी बोर्ड बीजेपी का ही रहा था. पिछले निकाय चुनावों में गहलोत सरकार थी तब जयपुर नगर निगम को कांग्रेस ने दो भागों में बांट दिया हेरिटेज और ग्रेटर. तब जयपुर हेरिटेज में कांग्रेस अपना मेयर बनाने में कामयाब हो पाई मुनेश गुर्जर कांग्रेस से मेयर रही. वही ग्रेटर की मेयर बनी बीजेपी की सौम्या गुर्जर.
---जयपुर नगर निगम में बीजेपी के मेयर---
..पहले मेयर रहे मोहन लाल गुप्ता (1994-1999)
...निर्मला वर्मा व शील धाबाई (1999-2004)
..1999 मे भाजपा ने निर्मला वर्मा को मेयर बनाया
..मेयर के कार्यकाल के दौरान ही वर्मा की मौत हो गई थी ..इसके बाद उनकी जगह शील धाबाई को जयपुर मेयर चुना गया
..अशोक परनामी 2004 से 2008 तक जयपुर के मेयर रहे थे
..आदर्शनगर से परनामी जब विधायक निर्वाचित हुए थे
..उसके बाद तत्कालीन डिप्टी मेयर पंकज जोशी को जयपुर का मेयर चुना गया
..2014 से 2019 के बीच निर्मल नाहटा, अशोक लाहोटी और विष्णु लाटा मेयर कहलाए
..2014 मे हुए चुनाव के बाद भाजपा के निर्मल नाहटा जयपुर के सातवें मेयर निर्वाचित हुए थे
..अंदरूनी राजनीति के चलते दिसंबर 2016 में निर्मल नाहटा को मेयर पद से हटाकर अशोक लाहोटी को मेयर बना दिया गया
..साल 2018 में सांगानेर से विधायक निर्वाचित होने के बाद लाहोटी ने मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था
.. इसके बाद जनवरी 2019 में भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़े विष्णु लाटा कांग्रेस के सहयोग से जयपुर के मेयर बने बीजेपी के मनोज भारद्वाज को चुनाव हराया था.
बीजेपी के जयपुर के मेयर रह चुके नेताओं का सियासी सफ़र शानदार रहा. पहले मेयर मोहन लाल गुप्ता ने इंटरनेशनल मेयर कॉन्फ्रेंस जयपुर में कराकर ख्याति बटोरी थी. मोहन लाल गुप्ता मेयर के बाद विधानसभा तक पहुंचे और किशनपोल से 3बार बीजेपी के विधायक कहलाए. जयपुर के मेयर रह चुके अशोक परनामी का भाग्य बुलन्द रहा वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के गौरवमयी पद तक पहुंचे. परनामी आदर्शनगर से बीजेपी के दो बार विधायक रह चुके. जयपुर के मेयर रह चुके अशोक लाहोटी को दो बार विधायक का टिकट मिला पहले चुनाव हारे थे सिविल लाइंस थे दूसरी बार सांगानेर से चुनाव जीते. जयपुर की मेयर रही शील धाभाई को भी विधानसभा का टिकट मिला था कोटपूतली से वे चुनाव हार गई थी. गुलाबी शहर के मेयर पद पर बीजेपी की जीत के पीछे स्वर्णिम अतीत रहा हैं. सतीश चंद्र अग्रवाल, भंवर लाल शर्मा,रामदास अग्रवाल, गिरधारी लाल भार्गव, उजला अरोड़ा सरीखे कद्दावर चेहरे रहे जिन्होंने जनसंघ के जमाने से ही यहाँ अपने दल को मजबूत किया उस दौर में लाल कृष्ण आडवाणी जयपुर में संघ के प्रचारक रहे थे. बीजेपी के गठन के बाद भंवर लाल शर्मा ने UDH मंत्री के नाते आधुनिक जयपुर बनाने में अपना योगदान दिया .आज जयपुर में बीजेपी की मजबूती के पीछे कई आधार है राज्य के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जयपुर के ही सांगानेर से विधायक हैं. राजधारी के सर्वागीण विकास के लिए ये अहम भी है. जयपुर के ही विद्याधरनगर से विधायक दिया कुमारी राज्य की उप मुख्यमंत्री हैं