नई दिल्ली: लोकसभा में पेश हुए 3 संशोधन बिल पर चर्चा हो रही है. कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत की. अर्जुन मेघवाल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. आज महत्वपूर्ण तीन बिल पेश हुए है. राइट टू वोट राजनीतिक न्याय है. आपको बता दें कि लोकसभा में पेश किए गए तीनों बिलों पर सदन में वोटिंग होगी. 17 अप्रैल को शाम 4 बजे लोकसभा में वोटिंग होगी. आज और कल तीनों बिल पर चर्चा होगी. सदन में चर्चा के लिए घंटों को तय करने की बात हुई.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार यहां सुनने और जवाब देने के लिए है. सरकार ने 12 घंटे चर्चा का समय तय किया है. इससे पहले लोकसभा में 3 संशोधन बिल पेश हुए. परिसीमन विधेयक 2026 के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. विपक्षी सांसदों के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. सरकार के पक्ष में 207 विपक्ष में 126 वोट हुई. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. विपक्षी सांसदों के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. लोकसभा में अब तक कुल 333 सांसदों ने वोट किया. संविधान संसोधन बिल लाने के समर्थन में 207 वोट पड़े. संविधान संसोधन बिल के विरोध में 126 वोट पड़े.
आपको बता दें कि लोकसभा में 3 संसोधन बिल पेश हुए. केसी वेणुगोपाल ने तीनों विधेयकों के पेश किए जाने का विरोध किया. वेणुगोपाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को सदन में लाने के खिलाफ आपत्ति जताई. वेणुगोपाल के बयान पर अमित शाह ने पलटवार किया. अमित शाह ने कहा कि केसी वेणुगोपाल विधेयकों के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर सकते है. वे केवल तकनीकी आपत्तियां ही उठा सकते हैं. सरकार बहस के दौरान विपक्ष को मजबूत जवाब देगी.