Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी बजट, आजादी के बाद से पहली बार रविवार को पेश हो रहा बजट

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश करेंगी. आज सुबह 11 बजे लोकसभा में अपना लगातार 9वां बजट पेश करेंगी. आजादी के बाद से यह पहली बार रविवार को बजट पेश हो रहा है. अमेरिकी के भारी भरकत टैरिफ ने भारत की चिंता बढ़ाई है. ऐसे में वित्त मंत्री के सामने न केवल विकास की रफ्तार को बनाए रखना है. बल्कि आम आदमी और भारतीय कारोबारियों को इस वैश्विक झटके से सुरक्षित रखना भी है बजट में सरकार का जोर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर जोर रहेगा. भारत सरकार घरेलू उद्योगों को मजबूत करने की तैयारी कर रही है. राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को काबू में रखने की भी चुनौती है. वित्त मंत्री का लक्ष्य अगले वित्तीय वर्ष के लिए घाटे को GDP के 4.2% तक सीमित करना है. आगामी चुनावी राज्यों में भी कृपा बरस सकती है. 

सुबह 8:45 से 9 बजे टीम के साथ नॉर्थ ब्लॉक से वित्त मंत्री रवाना होंगी. सुबह 9:15 बजे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी. राष्ट्रपति औपचारिक रूप से वित्त मंत्री को बजट पेश करने की अनुमति देंगी. रस्म के तौर पर राष्ट्रपति मुर्मू दही-चीनी खिलाकर वित्त मंत्री को शुभकामनाएं देंगी. सुबह 10 बजे राष्ट्रपति से अनुमति लेने के बाद वित्त मंत्री सीधे संसद भवन पहुंचेंगी. सुबह 10:15 बजे पीएम मोदी की अध्यक्षता में संसद में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होगी. कैबिनेट की औपचारिक रूप से बजट को हरी झंडी के बाद बजट पेश किया जाएगा. सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर बिरला वित्त मंत्री को आमंत्रित करेंगे. स्पीकर के आमंत्रण के बाद निर्मला सीतारमण अपना बजट भाषण शुरू करेंगी. बजट पेश करने के बाद निर्मला सीतारमण मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी. 

टैक्स सरलीकरण और महंगाई से राहत पर खास फोकस की उम्मीदः
संसद में आज देश का आम बजट पेश होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026-27 पेश करेंगी. सुबह 11 बजे शुरू होने वाला यह उनका लगातार 9वां बजट होगा. NDA सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट होगा, बजट में टैक्स सरलीकरण और महंगाई से राहत पर खास फोकस की उम्मीद है. सरकार पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) बढ़ाने पर भी जोर दे सकती है. बजट में रक्षा, बुनियादी ढांचा और बिजली क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं संभव है. अफोर्डेबल हाउसिंग और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण पर भी ध्यान रहने की संभावना है. आम बजट को लेकर समाज के हर वर्ग में उत्साह और उम्मीदें बनी हुई है.