Rajasthan News: RGHS में "रिश्तों" का फर्जीवाड़ा ! राज. गर्वमेंट हेल्थ स्कीम का अब बच्चों के नाम पर दुरूपयोग, प्रदेश में 4400 के आसपास ऐसे कर्मचारी-पेंशनर्स किए गए चिन्हित

जयपुर: प्रदेश में कर्मचारी और पेंशनर्स को चिकित्सकी राहत देने के लिए शुरू की गई राज.गर्वमेंट हेल्थ स्कीम में "फर्जीवाड़ा' करने वालों की अब खैर नहीं है. फिर चाहे सास-ससुर को माता-पिता दर्शाना हो या फिर नियम के विपरित बेटे-बेटियों का इलाज कराना हो. RGHS प्रशासन ने फर्जीवाड़ा करने वाले करीब सात हजार कार्मिक-पेंसनर्स को डेटाबेस विजिलेंस के आधार पर चिन्हित कर कार्ड ब्लॉक करने का बड़ा एक्शन किया है. आखिर क्या है पूरा मामला और कैसे फर्जीवाड़ा रोकने के लिए हो रही विजिलेंस, पेश है फर्स्ट इंडिया की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट...

गहलोत सरकार की राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानि आरजीएचएस राजस्थान समेत पूरे देशभर में चर्चाओं में है. योजना की सफलता की बानगी ये है कि RGHS मॉडल का अध्ययन करने के लिए दूसरे राज्यों से टीमें आ रही है. योजना का लाभ प्रदेश में विधायक, पूर्व विधायक, मंत्री, पूर्व मंत्री, सरकारी कर्मचारी व पेंशनर्स को मिलता है. लेकिन सरकार की अच्छी मंशा के विपरित कुछ सरकारी कारिन्दें योजना के लाभ का दुरूपयोग भी कर रहे है. ये कोई हमारा आरोप नहीं, बल्कि RGHS प्रशासन की डेटाबेस विजिलेंस के बाद की गई कार्रवाईयों की बानगी है. ताजा मामला 4400 के आसपास उन कर्मचारी-पेंशनर्स से जुड़ा है, जिन्होंने 25 साल से अधिक उम्र के अपने बच्चों का भी योजना में इलाज करा लिया. जनआधार कार्ड के रिकॉर्ड से मिलान के बाद इन सभी कार्मिकों के कार्ड ब्लॉक किए गए है.

 

ये कोई पहला मामला नहीं है, इससे सात दिन पहले ही RGHS प्रशासन ने विभिन्न विभागों में कार्यरत 2625 महिला कार्मिकों के  RGHS कार्ड ब्लॉक किए है. इन महिला कार्मिकों ने सास-ससुर को माता-पिता दर्शाकर RGHS का क्लेम उठाया था. इसके अलावा जेनेरिक  प्रोडक्ट को एथिकल बनाकर बेचने के मामले में 29 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस भी निलम्बित किए गए है. आरजीएचएस परियोजना निदेशक शिप्रा विक्रम ने बताया कि इन सभी कार्मिकों के कार्ड ब्लॉक करने के साथ ही वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

RGHS का फायदा उठाने के लिए बदल दिए "रिश्ते" !
- राज. गर्वमेंट हेल्थ स्कीम में महिला कार्मिकों के फर्जीवाड़े से जुड़ी खबर
- कार्मिकों ने सास-ससुर को माता-पिता दर्शाकर उठाया RGHS का क्लेम
- प्रकरण उजागर होने के बाद 2625 RGHS कार्ड किए गए ब्लॉक
- RGHS की परियोजना निदेशक शिप्रा विक्रम के निर्देश पर एक्शन
- फर्जीवाड़ा करने वालों में सर्वाधिक प्राथमिक शिक्षा विभाग की महिलाएं
- अकेले शिक्षा विभाग की 1032 महिला कार्मिकों के कार्ड ब्लॉक
- इसके अलावा चिकित्सा विभाग के 515, शिक्षा विभाग के 363,
- पुलिस में 211, पंचायत समिति के 37, महिला एवं बाल विकास विभाग के 32,
- रेवन्यू के 26, पशुपालन विभाग के 25, संस्कृत शिक्षा के 23,
- जयपुर डिस्कॉम के 17, कृषि विभाग के 16, आयुर्वेद विभाग के 16,
- चिकित्सा शिक्षा विभाग के 16 महिला कार्मिकों के भी कार्ड ब्लॉक
- दरअसल, RGHS में कर्मचारी सिर्फ माता-पिता का ले सकता क्लेम
- वो भी तब, जब माता और पिता हो सरकारी कर्मचारी पर आश्रित
- नियम का पता होने के बावजूद महिला कार्मिकों ने निकाला रास्ता
- अपने सास-ससुर को माता-पिता दर्शाकर उठाया RGHS का फायदा

राज. गर्वमेंट हेल्थ स्कीम प्रशासन की सख्ती के बाद फर्जीवाड़ा करने वाले कार्मिकों में खलबली का माहौल है. हालांकि, प्रशासन की मंशा साफ है कि योजना का लाभ पात्र लोगों को ही मिलना चाहिए. ऐसे में उम्मीद ये है कि योजना के लाभार्थी इस बात को समझकर नियमानुसार उपचार का लाभ लेंगे.