उत्तराखंड : केदारनाथ पैदल मार्ग पर अब हेलमेट अनिवार्य होगा. 21 किमी पैदल रास्ते पर 13 डेंजर जोन यात्रियों के लिए खतरा बन गए हैं. केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को अब पैदल मार्ग पर हेलमेट जरूरी है. इसके लिए रुद्रप्रयाग प्रशासन द्वारा अनिवार्य शर्त जोड़ी गई है. बारिश-भूस्खलन थमने के बाद कल सुबह यात्रा फिर शुरू कर दी गई है.
श्रद्धालुओं को 100-100 के जत्थों में हेलमेट पहनाकर रवाना किया गया. सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 21 किमी लंबे पैदल मार्ग पर 13 भूस्खलन जोन है. जहां हल्की वर्षा में भी पहाड़ दरकने से जोखिम बढ़ जाता है. ये स्थान मुनकटिया, गौरीकुंड, जंगलचट्टी, चीरबासा, भीमबली, छोटी लिनचोली, रबासा हेलीपैड, और बड़ी लिनचोली के आसपास चिन्हित किए गए हैं.
केदारनाथ पैदल मार्ग पर अब हेलमेट अनिवार्य
-21 किमी पैदल रास्ते पर 13 डेंजर जोन यात्रियों के लिए खतरा बने
-केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को अब पैदल मार्ग पर हेलमेट जरूरी
-इसके लिए रुद्रप्रयाग प्रशासन द्वारा अनिवार्य शर्त जोड़ी गई
-बारिश-भूस्खलन थमने के बाद कल सुबह यात्रा फिर शुरू कर दी गई
-श्रद्धालुओं को 100-100 के जत्थों में हेलमेट पहनाकर रवाना किया गया
-सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 21 किमी लंबे पैदल मार्ग पर 13 भूस्खलन जोन
-जहां हल्की वर्षा में भी पहाड़ दरकने से बढ़ जाता है जोखिम
-ये स्थान मुनकटिया, गौरीकुंड, जंगलचट्टी, चीरबासा, भीमबली, छोटी लिनचोली,
-रबासा हेलीपैड, और बड़ी लिनचोली के आसपास चिन्हित किए गए