VIDEO: आबकारी विभाग का कैसे होगा राजस्व वसूली का आंकड़ा पूरा,जयपुर शहर के फरवरी के आंकड़े कर रहे विचलित, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: आबकारी विभाग को मार्च में राजस्व अर्जन का लक्ष्य पूरा करना है, लेकिन जयपुर शहर तमाम जिले आंकड़ों में लगातार पीछे चल रहे हैं. आबकारी आयुक्त की डांट-फटकार का भी कईयों पर असर नहीं हो रहा. बरसों से एक ही सीट पर जमे जिम्मेदार राजस्व लक्ष्य तो दूर की बात शराब के उठाव में भी पीछे चल रहे हैं.

आबकारी विभाग के इस माह राजस्व अर्जन का लक्ष्य पूरा करना है. विभाग को सालभर के लिए 19 हजार करोड़ के राजस्व अर्जन का लक्ष्य मिला. लेकिन जिलेवार देखा जाए तो सभी पीछे चल रहे हैं. इसमें भी सबसे बड़ी बात यह है कि शराब उठाव में पीछे रहने के कारण राजस्व आंकड़ों में बड़ी कमी दिखाई दे रही है. वैसे तो प्रदेशभर में जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अलवर, अजमेर सभी पीछे हैं. लेकिन जयपुर शहर की बात करें तो सभी सर्किल पीछे चल रहे हैं. फरवरी के आंकड़े सामने आए तो वेस्ट सर्किल 13.97 प्रतिशत कमी के साथ सबसे पीछे रहा. ऐसे में कहा जा सकता है कि जब तक जिम्मेदारों पर लगाम नहीं कसी जाएगी. राजस्व अर्जन के आंकड़ों को पूरा करना मुश्किल रहेगा.

जयपुर शहर में शराब उठाव की स्थिति
सर्किल--------टोटल गारंटी------कुल उठाव----कमी (माइनस)----प्रतिशत (माइनस)
ईस्ट------------100092598------95872488-------4220110---4.22
साउथ----------164177032------155300370-----8876662---5.41
वेस्ट-------------145674019------125327915----20346104--13.97
नॉर्थ-------------116004931-------107000158---9004773-----7.76
साउथ-ईस्ट------151096960------139140706---11956254---7.91
झोटवाड़ा--------150359235------137930785---12428450---8.21
सांगानेर----------185189938------172135079---13054859---7.05

जयपुर शहर की बात की जाए तो राजस्व अर्जन में शराब दुकानों का बंदोबस्त नहीं होना भी बड़ा कारण है. प्रदेशभर में 300 दुकानों का बंदोबस्त बाकी है, जबकि जयपुर शहर में 9 दुकानों को लाइसेंसी का इंतजार है. मात्र नो दुकानों से विभाग को 33 करोड़ रुपए का इंतजार बना हुआ है. यदि दुकानों का बंदोबस्त नहीं होता है. तो आगामी वित्तीय वर्ष में विभाग को राजस्व अर्जन की बड़ी हानि हो सकती है. ऐसे में जब तक जिम्मेदारों पर लगाम नहीं सकी जाएगी. विभाग तय लक्ष्य से दूर ही रहेगा.