VIDEO: राजस्थान के शहरवासियों को राहत, एक बार फिर से लगाए जा रहे शहरी सेवा शिविर, देखिए ये रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान के आम शहरी को राहत देने के लिए भजनलाल सरकार की ओर से एक बार फिर से शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा. इन शिविरों में फिर से विभिन्न प्रकार की छूटें दी जाएंगी. पिछले वर्ष 17 सितंबर से 17 अक्टूबर प्रदेश की भजनलाल सरकार की ओर से शहरी सेवा शिविर का आयोजन किया गया था. इसके बाद 3 नवंबर से लेकर 7 नवंबर तक फॉलोअप शिविर भी लगाए गए थे. अब राज्य सरकार की ओर से एक बार फिर इन शिविरों का आयोजन किया जाएगा. ये शिविर 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित किया जाएंगे। इससे पहले निकायों को तैयारी शिविर आयोजित करने होंगे. आपको बताते हैं इन शिविरों में प्रमुख तौर क्या छूटें दी जाएंगी.

बकाया लीज राशि में मिलेगी 60 प्रतिशत की छूट: 
-प्रदेश भर के शहरी निकायों का भरेगा खजाना
-प्रदेश के आम शहरी को मिलेगी लीज राशि में बड़ी छूट
-प्रदेश की भजनलाल सरकार की ओर से मिलेगी बड़ी छूट
-सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक
-वर्ष 2025-26 तक की एकमुश्त लीज जमा कराने पर मिलेगी छूट
-बकाया लीज राशि में दी जाएगी 60 प्रतिशत की छूट
-साथ ही बकाया ब्याज में दी जाएगी 100 प्रतिशत की छूट
-निकायों में लंबे समय से लीज जमा कराने के लंबित है प्रकरण
-इस छूट के चलते प्रकरणों को हो सकेगा निस्तारण
-इससे निकायों के खजाने को मिलेगा बड़ा राजस्व

100 रुपए प्रति वर्ग मीटर में मिलेगा 200 वर्ग मीटर भूखंड का पट्टा:
-पुरानी आबादी क्षेत्र के भूखंडों के पट्टे के लिए निर्धारित की दर
-राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक
-शहरी सेवा शिविर 2025 के मुताबिक ही लागू होगा शुल्क
-500 वर्गमीटर तक के भूखंड का पट्टा 120 रुपए प्रति वर्गमीटर में,
-500 वर्गमीटर से बड़े भूखंड का पट्टा 200 रुपए प्रति वर्गमीटर में मिलेगा
-पट्टा लेने के लिए वैकल्पिक दस्तावेज नहीं होंगे मान्य
-इसके बजाए मालिकाना हक के आवेदक को देने होंगे दस्तावेज

सरकारी भूमि पर बसी कॉलोनियों के मामले में बड़ी खबर:
-इन कॉलोनियों के खाली भूखंडों को निकाय लेंगे अपने कब्जे में
-अपने कब्जे में लेकर निकाय इन भूखंडों की करेंगे नीलामी
-इन शिविरों में निकाय भूखंड को कब्जे में लेने की करेंगे कार्यवाही
-सड़क की चौड़ाई 60 फीट या अधिक होने पर नहीं होगा नियमन
-इन प्रकरणों में संबंधित निकाय की ओर से नहीं किया जाएगा नियमन
-इन कॉलोनियों के नियमन की दरों को पहले की तरह रखा यथावत
-1 जनवरी 2013 तक बसी कॉलोनियों का किया जाएगा नियमन
-आवासीय आरक्षित दर या आवासीय डीएलएसी दर में से जो दर होगी अधिक
-उस दर के आधार पर किया जाएगा नियमन

40 वर्गगज तक की किराए पर दी गई दुकानों का होगा नियमन:
-निकायों की ओर से केवल स्वतंत्र दुकानों का किया जाएगा नियमन
-वर्ष 1991 से पहले किराए पर दी दुकानों का ही होगा नियमन
-इन शिविरों में की जाएगी नियमन की कार्यवाही
-बकाया किराया 15% ब्याज के साथ कराना होगा जमा
-इसके बाद व्यावसायिक आरक्षित दर पर किया जाएगा नियमन

डिनोटिफाई कच्ची बस्तियों के खाली भूखंड लेंगे कब्जे में:
-संबंधित निकाय खाली भूखंडों को लेंगे कब्जे में
-60 फीट व इससे चौड़ी सड़कों पर स्थित बस्ती का नहीं होगा नियमन
-शहरी सेवा शिविरों में निकाय करेंगे ये कार्यवाही
-1 जनवरी 2013 से पहले रहवास वाले भूखंडों का होगा नियमन

मौका निरीक्षण से राहत,जल्द होगा प्रकरणों का निस्तारण:
-भूखंडों के नाम हस्तांतरण,लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टा देने,
-अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने और
-उप विभाजन/पुनर्गठन के प्रकरणों में नहीं होगा मौका निरीक्षणc
-मौका निरीक्षण होने पर संबंधित कार्मिकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
-मौका निरीक्षण नहीं होने से प्रकरणों का होगा जल्द निस्तारण

शहरी सेवा शिविर 2026 में भी पिछले वर्ष के शहरी सेवा शिविर की तरह छूटों के मामले में यह ध्यान रखा गया है कि गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों को अधिक छूट मिले। यही कारण है कि छोटे भूखंडों पर छूट का प्रतिशत बड़े भूखंडों से अधिक रखा गया है.

जितना छोटा भूखंड उतनी अधिक मिलेगी छूट: 
-उच्च आय वर्ग के बजाए मध्यम आय वर्ग के लोगों को मिलेगी अधिक छूट
-कृषि भूमि पर बसी अवैध कॉलोनियों के नियमन पर मिलेगी छूट
-सुओ मोटो नियमन पर प्रीमियम राशि,बाहरी व आंतरिक विकास शुल्क,
और बीएसयूपी शुल्क में दी जाएगी छूट
-12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविर में दी जाएगी छूट
-100 वर्गमीटर तक के भूखंड पर 50 प्रतिशत,200 वर्गमीटर तक 40 प्रतिशत,
-500 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर मिलेगी 25 प्रतिशत छूट
-रियायती दरों के आधार पर ही भूखंडों की लीज राशि की होगी गणना
-जिन कॉलोनियां में 31 दिसंबर 2021 से पहले बन चुके हैं दस प्रतिशत मकान
-उनके नियमन के लिए भूखंड व सुविधा क्षेत्र में लागू किया जा सकेगा 70:30 का अनुपात
-निकाय स्तर पर ले आउट प्लान समिति कर सकेगी ले आउट प्लान का अनुमोदन
-लेकिन जेडीए के मामलों में 31 दिसंबर 2021 से पहले बसी कॉलोनियों का होगा नियमन
-मास्टर प्लान के यू 1 एरिया में 60 प्रतिशत निर्माण होने पर और
-यू 2 एरिया में 10 प्रतिशत निर्माण होने पर किया जा सकेगा सुओ मोटो नियमन
बसावट के सबूत के तौर पर देखे जाएंगे पानी व बिजली के बिल

इन शिविरों में आम शहरी को दी जाएगी विभिन्न प्रकार की छूटें:
-250 वर्गमीटर तक के भूखंडों में ढाई हजार रुपए और
-500 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर भवन निर्माण स्वीकृति में मिलेगी 50% छूट
-500 वर्गमीटर तक के भूखंडों के लैंड यूज चेंज पर शुल्क में 50 प्रतिशत
-1000 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर इस शुल्क में 25 प्रतिशत की मिलेगी छूट
-250 वर्गमीटर तक के भूखंडों के पुनर्ग्रहण शुल्क पर 75 प्रतिशत,
-500 वर्गमीटर तक के भूखंडों के पुनर्ग्रहण शुल्क पर 50 प्रतिशत और
-1000 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर 25 प्रतिशत की शुल्क में मिलेगी छूट
-नाम हस्तांतरण शुल्क में दी जाएगी 50 प्रतिशत की छूट
-EWS/LIG के मकानों एकमुश्त राशि जमा कराने पर ब्याज में मिलेगी 100% छूट
-आवंटित मकानों में 10 वर्ष से पूर्व बेचने पर जुर्माने में मिलेगी 50% छूट
-जिन प्रकरणों में पुरानी टाउनशिप नीति के तहत हो चुकी है 90 ए की कार्यवाही
-उन प्रकरणों में स्थानीय स्तर पर पुरानी टाउनशिप नीति के तहत होगा अनुमोदन
-पुरानी नीति के तहत किया जाएगा ले आउट प्लान का अनुमोदन

शहरी सेवा शिविर 2026 में पिछली कांग्रेस सरकार के समय चलाए प्रशासन शहरों के संग अभियान और शहरी सेवा शिविर 2025 लंबित प्रकरणों के निस्तारित करने के आदेश दिए गए हैं. राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश दिया गया है कि निकाय के अधिकारी इन लंबित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करें. जिनमें आवेदनों में कोई कमी हैं नहीं,उनका  निस्तारा करें और जिनमें कोई कमी है तो उस बारे में संबधित आवेदक को सूचित करें. इसी तरह जिन प्रकरणों का नहीं किया जा सकता है निस्तारण,उनमें लिखित में कारण स्पष्ट करते हुए उन्हें खारिज करें और इस बारे में संबंधित आवेदक को सूचित करें.