सचिवालय की कार्य संस्कृति सुधारने पर फोकस, CS ने सचिवालय के सेक्शंस का किया निरीक्षण, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः सचिवालय में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने  के साथ जगह की कमी के युक्तिसंगत समाधान को लेकर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने सचिवालय में कुछ सेक्शंस का दौरा करके जरूरी निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हर सेक्शन के हिसाब से मैन पावर और जरूरी संसाधनों की सुनिश्चितता करने को कहा. साथ ही हर सेक्शन की स्ट्रेंथ के मुताबिक सरप्लस स्टाफ,पर्याप्त जगह और दक्षता के साथ फाइल निस्तारण को लेकर रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए.

सचिवालय में कार्य दक्षता के साथ सरकारी वी प्रशासनिक मशीनरी का संचालन हो और बेहतर कार्य की स्थिति बने, इसके लिए समय समय पर मुख्य सचिव वी श्रीनिवास निरीक्षण करते रहे हैं. 

क्या रहा निरीक्षण में ?
सीएस ने राजस्व विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और कार्मिक विभाग के अनुभागों का निरीक्षण किया. 

अधिकारियों व कर्मचारियों से सीधे संवाद किया और कार्यालयों की कार्यकुशलता, मानव संसाधन और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की.

मुख्य सचिव ने अनुभागों में जाकर सहायक सचिव (AS) और उप सचिव (DS) स्तर के अधिकारियों से उनके कार्यों की जानकारी ली. उन्होंने प्रत्येक अनुभाग में स्वीकृत पदों, कार्यरत कर्मचारियों, रिक्त पदों, उपलब्ध संसाधनों और कार्यभार की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की.

इसके साथ ही काम के हिसाब से कितना अतिरिक्त स्टाफ है और उसके हिसाब से कंप्यूटर और संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली.

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अनुभाग अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने अनुभागों के कुल स्वीकृत पद, कार्यरत कार्मिकों, रिक्त पदों और उपलब्ध संसाधनों का तथ्यात्मक विवरण तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें. 

उन्होंने कहा कि इसी आधार पर आवश्यकतानुसार संसाधनों का बेहतर उपयोग और मानव संसाधन का संतुलित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा.

मुख्य सचिव ने राज्य सरकार के राजकाज पोर्टल की प्रगति की भी समीक्षा की. उन्होंने औसत फाइल निस्तारण, समयबद्ध फाइल डिस्पोजल, लंबित प्रकरणों की स्थिति और ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन पर अधिकारियों से जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी फाइलों का तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए.

इसके अलावा उन्होंने विभागों में रखे अनुपयोगी व कबाड़ के सामान के निस्तारण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे सामान का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि कार्यालयों में सुव्यवस्थित व कार्यकुशल वातावरण बनाया जा सके.

दौरे के पीछे क्या है सोच ?
लालफीताशाही कम करने और काम को आसान बनाने की सोच
. शुरुआत से लेकर वापस शुरुआत तक फाइल 
जहां से फाइल की शुरुआत हुई वहां से शुरुआत वाले चरण तक का फाइल निस्तारण समय को कम करने की कोशिश करना 

2. हर अफसर का फाइल निस्तारण समय का है दूसरा चरण

3.पेंडेंसी सहित रसीद या प्राप्ति की प्रक्रिया

4.निस्तारण के विविध चरण- देरी 

5.राजकाज की मासिक रिपोर्ट का है पांचवां चरण.

6.ई फाइल के लिए आर्काइवल पॉलिसी या अभिलेख नीति

7.राजकाज का वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क और साइबर सुरक्षा

8.राजकाज पर उपयोगकर्ताओं की संख्या की समीक्षा

9.वरिष्ठ अधिकारी से फाइल वापस मंगाने का होगा नौवां चरण

10. हर अधिकारी के लिए कई लॉग इन आईडी की समीक्षा

इन दस चरणों से  राजकाज में अफसरों के काम का रिव्यू की प्रणाली लागू करना

वहीं विभागों में नियमित सफाई अभियान चालू करने का नवाचार को आगे बढ़ाना और फाइल वीडिंग और आर्काइव और डिजिटाइज करने के सिस्टम को मजबूती से लागू करना. 

यह है विजन
विभागों/ऑफिसों का मासिक प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग होगी

पेंशन अदालत के लिए पेंशनर शिकायत निवारण, विभागों के साथ मासिक समीक्षा बैठकें.

प्रभावी शिकायत निवारण के लिए समग्र नीति का निर्माण जिसमें जड़ से समस्या का हो सके समाधान.

श्रीनिवास ने झाड़ू क्लीनिंग बंद होकर मैकेनाइज क्लीनिंग शुरू हुकरने पर जोर देते हुए फाइल्स की वीडिंग आउट को प्राथमिकता दी.  

साथ ही पुराने फर्नीचर,डिजिटल स्क्रैप, डेस्कटॉप,लैपटॉप,फोटो कॉपियर्स की प्रॉपर स्क्रीनिंग प्रोसेस शुरू करने के निर्देश दिए.  

 प्रदेश सरकार में व्हीकल्स स्क्रैप पॉलिसी को पुख्ता तौर पर लागू करवाना  जिसका उपयोग नाकारा वाहनों के निस्तारण में होगा. 

स्टेट डाटा सेंटर से फाइल आर्काइव करने को लेकर हुई बातचीत जिसमें एक श्रेणी उन रिकॉर्ड्स की है जो 1 साल में वीड आउट करने हैं. दूसरी श्रेणी उन रिकॉर्ड्स की है जो संरक्षित करने हैं और एक श्रेणी वह जो स्टेट आर्काइव को ट्रांसफर करने हैं.    

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव टी. रविकांत, प्रमुख सचिव नवीन जैन, कार्मिक सचिव अर्चना सिंह, मुख्य सचिव की ओएसडी गरिमा नरूला, रजिस्ट्रार मुकेश सिंघल और डिप्टी रजिस्ट्रार पवन गोस्वामी भी मौजूद रहे.