जयपुर: कांग्रेस पार्टी ने आम जनता व युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का फैसला किया है. आज नई दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस नेतृत्व ने अपने महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों के साथ बैठक की, जिसमें संगठन से जुड़े मुद्दों, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली तथा वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा की गई.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे की अध्यक्षता में आज कांग्रेस की दिल्ली में अहम बैठक हुई. बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और कई अन्य नेता मौजूद थे. हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस महासचिवों एवं प्रभारियों की संयुक्त रूप से यह बैठक पहली बार हुई है. इस बैठक को मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव के घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन यह बैठक सिर्फ इस मुद्दे तक ही सीमित नहीं रही. बेठक में महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले और सामाजिक असमानता जैसे गंभीर मुद्दो पर भी चर्चा हुई.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की से चर्चा की. इस बैठक में वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा की गई. बैठक के बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अब अगले दो तीन महीने तक कांग्रेस राष्ट्र व्यापी आंदोलन करेगी और अगले तीन-चार दिन में पूरी रूपरेखा तय कर ली जाएगी.
बैठक में मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा चुनाव नॉमिनेशन के रिजेक्शन के मामले पर विस्तार से चर्चा हुई. कांग्रेस ने तय किया कि इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी तौर पर लड़ेंगे. कांग्रेस पार्टी चाहती है कि पेट्रोल, डीजल और LPG गैस की बढती कीमतों से लोग बहुत परेशान हैं, तो ऐसे में जनता को साथ जोड़कर ही लड़ाई लड़ी जाए. बेरोजगारी चरम पर है. MSME सेक्टर पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. ऐसे में युवा बहुत चिंतित हैं. अब कांग्रेस पार्टी युवाओं की लड़ाई सड़कों पर लड़ेगी.