जयपुरः परिवहन विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 की रैंकिंग सूची जारी कर दी गई है, जिसमें प्रदेश के आरटीओ कार्यालयों के प्रदर्शन का आंकलन किया गया है. जारी आंकड़ों के अनुसार इस बार जयपुर द्वितीय आरटीओ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है, जबकि अजमेर और दौसा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे.
रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर आरटीओ द्वितीय ने 601.79 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 598.26 करोड़ रुपये की वसूली करते हुए 99.41 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक है. वहीं अजमेर ने 93.69 प्रतिशत और दौसा ने 91.32 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर टॉप-3 में अपनी जगह बनाई. सूची में बीकानेर चौथे, चित्तौड़गढ़ पांचवें और जोधपुर छठे स्थान पर रहे. इनके अलावा सीकर, उदयपुर, भरतपुर और कोटा ने भी संतोषजनक प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 10 में स्थान बनाया. पूरे प्रदेश का कुल लक्ष्य 9600 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले 8325.03 करोड़ रुपये की वसूली हुई. इस प्रकार विभाग की कुल उपलब्धि 86.72 प्रतिशत रही, जो एक संतुलित लेकिन सुधार की गुंजाइश वाला प्रदर्शन दर्शाती है, हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले यह प्रदर्शन बहुत शानदार माना जा सकता है
विभागीय आंकड़ों के अनुसार RTO और DTO मिलाकर कुल 9085 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7819.10 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो 86.07 प्रतिशत है. वहीं आरएसआरटीसी ने 83.57 प्रतिशत, नेशनल परमिट/एआईटीपी ने 93.15 प्रतिशत और पुलिस सीएफ ने 102.78 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर लक्ष्य से अधिक वसूली की है, विशेष रूप से पुलिस सीएफ का 100 प्रतिशत से अधिक प्रदर्शन विभागीय सख्ती और प्रभावी प्रवर्तन की ओर संकेत करता है. वहीं ई-डिटेक्शन के माध्यम से भी 26.36 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई, जो डिजिटल मॉनिटरिंग की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.हालांकि कुछ डीटीओ कार्यालयों का प्रदर्शन अपेक्षा से कम रहा है, जिससे यह स्पष्ट है कि विभाग को संतुलित रणनीति अपनाने की जरूरत है. विशेषज्ञों का मानना है कि जहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के मॉडल को अन्य क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है, वहीं पिछड़े सर्किलों में विशेष निगरानी और सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है.