जयपुरः राजधानी जयपुर की ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में नगर निगम एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है. शहर के झालाना क्षेत्र में निर्मित 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का लोकार्पण कल स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा करेंगे. लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह स्टेशन कचरा संग्रहण, कॉम्पेक्शन और परिवहन की प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए नगर निगम की सफाई व्यवस्था को नई गति देगा.
झालाना मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का लोकार्पण
कल मंत्री झाबर सिंह खर्रा करेंगे स्टेशन का लोकार्पण
150 टन प्रतिदिवस की क्षमता का ये स्टेशन
इससे पहले झालाना में ही 100 टन प्रतिदन की क्षमता का है स्टेशन
7 करोड रूपए की लागत का है ये स्टेशन
स्टेशन से लांगडियावास वेस्ट प्लांट तक पहुंचाने के लिए निगम देगा 735 रूपए प्रतिटन
संबधित फर्म को प्रतिटन के हिसाब से निगम करेगा भुगतान
स्टेशन पर किया जाएगा कचरे का कॉम्पेक्शन
स्टेशन पर लगी स्टेटिक कॉम्पेक्टर यूनिट से किया जाएगा कचरे को कॉम्पेक्शन
हूपरों के माध्यम से इस स्टेशन पर लाया जाएगा कचरा
झालाना क्षेत्र में पहले से ही 100 टन प्रतिदिन क्षमता वाला ट्रांसफर स्टेशन संचालित है. नए स्टेशन के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में कुल कचरा हैंडलिंग क्षमता बढ़कर 250 टन प्रतिदिन हो जाएगी, जिससे शहर के कई वार्डों से आने वाले कचरे के प्रबंधन में आसानी होगी.मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन के लिए शहर के विभिन्न इलाकों से कचरा संग्रहण हूपर वाहनों के माध्यम से लाया जाता है. यहां कचरे को सीधे डंप नहीं किया जाता, बल्कि विशेष मशीनों की मदद से उसका कॉम्पेक्शन किया जाता है. इससे कचरे की मात्रा कम हो जाती है झालाना में बने नए स्टेशन पर भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी. यहां लगी स्टेटिक कॉम्पेक्टर यूनिट के जरिए कचरे को दबाकर उसकी मात्रा को कम किया जाएगा. इसके बाद बड़े कंटेनरों के माध्यम से कचरे को लागडियावास यूनिट तक भेजा जाएगा.
शहर से आने वाला कचरा पहले हूपर कलेक्शन वाहनों से हॉपर में डाला जाएगा
हॉपर से कचरा सीधे स्टेटिक कॉम्पेक्टर यूनिट तक पहुंचेगा
कॉम्पेक्टर मशीन कचरे को दबाकर उसका आयतन कम करेगी
कॉम्पेक्शन के बाद कचरा बड़े कंटेनरों और ट्रेलरों में भरा जाएगा
ट्रांसफर स्टेशन से लांगड़ियावास वेस्ट प्लांट तक कचरा पहुंचाने का होगा काम
शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कचरा संग्रहण वाहन स्टेशन परिसर में स्थापित हॉपर में कचरा खाली करेंगे. इसके बाद मशीनों की मदद से कचरे को कॉम्पेक्टर यूनिट तक पहुंचाया जाएगा.इस प्रक्रिया से न केवल मैन्युअल कार्य कम होगा बल्कि कचरे के खुले में फैलने की संभावना भी घटेगी. इससे आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. झालाना ट्रांसफर स्टेशन का मुख्य उद्देश्य शहर से एकत्रित कचरे को व्यवस्थित तरीके से लांगड़ियावास स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाना है. कचरे के कॉम्पेक्शन के बाद उसे विशेष वाहनों के माध्यम से इस प्लांट तक ले जाया जाएगा नगर निगम इसके लिए संबंधित फर्म को 735 रुपये प्रति टन की दर से भुगतान करेगा. यानी जितना अधिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन से प्रोसेस होकर लांगड़ियावास प्लांट तक पहुंचेगा, उसी अनुपात में भुगतान किया जाएगा.
जयपुर में बढ़ते कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की दिशा में झालाना का यह नया मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन बड़ी भूमिका ही नहीं निभाएगा बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था को भी नई मजबूती देगा. अब देखना होगा कि यह 7 करोड़ की परियोजना जयपुर को स्वच्छ और कचरा प्रबंधन को कितना स्मार्ट बना पाती है.