जयपुर: जयपुर विकास प्राधिकरण में फिर से प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है. यही कारण है कि तय अवधि में निस्तारित नहीं किए जाने वाले प्रकरणों की संख्या में फिर से इजाफा हो रहा है.
जेडीए की अधिकतर सभी सेवाओं को ऑनलाइन किया जा चुका है. ये ऑनलाइन आवेदन जेडीए के नागरिक सेवा केंद्र के माध्यम से विभिन्न जोन कार्यालयों में ऑनलाइन ही भेजे जाते हैं. इनमें प्रमुख तौर पर आमजन से जुड़ी सेवाएं पट्टा जारी करने,नाम हस्तांतरण,उप विभाजन व पुनर्गठन,लीज होल्ड से फ्री होल्ड का पट्टा जारी करने और एकमुश्त लीज प्रमाण पत्र जारी करने सहित अन्य सेवाएं शामिल हैं. अवधि पार प्रकरणों के निस्तारण के लिए जेडीए ने पिछले वर्ष 17 अगस्त को एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया था. इस शिविर के बाद में जेडीए में इन प्रकरणों की संख्या 139 रह गई थी. इनमें 105 प्रकरण आवेदक के स्तर पर लंबित थे तो 34 प्रकरण जेडीए के स्तर पर लंबित थे. लेकिन एक बार फिर से इन प्रकरणों की संख्या में इजाफा होने लगा है.
-जेडीए से जुड़ी हर सेवा से संबंधित प्रकरण के निस्तारण की समय सीमा निर्धारित है
-लोक सेवा गारंटी कानून के तहत नाम हस्तांतरण के प्रकरण के निस्तारण की समय सीमा 30 दिन,
-भूखंड के उप विभाजन और पुनर्गठन के प्रकरण के निस्तारण की समय सीमा 45 दिन
-और पट्टा जारी करने की समय-सीमा 30 दिन है
-अवधि पार प्रकरण का मतलब ऐसे प्रकरण है जिनका निस्तारण निर्धारित अवधि में नहीं किया गया है
-जेडीए में अब इन प्रकरणों की संख्या लगातार बढ़ रही है
जेडीए में विभिन्न प्रकरणों का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है. जेडीए के अधिकारी-कर्मचारियों की उदासीनता के चलते प्रकरणों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है. आपको बताते हैं कि अवधि पार प्रकरणों की क्या है स्थिति ?
जेडीए के कामकाज के ढर्रे में फिर आई "सुस्ती"
जेडीए की सेवाओं से जुड़े कार्यों के निस्तारण में आई "सुस्ती"
पट्टे जारी करने,नाम हस्तांतरण,उप विभाजन/पुनर्गठन,
एकमुश्त लीज प्रमाण पत्र जारी करने और
लीज होल्ड से फ्री होल्ड पट्टे आदि प्रकरणों का नहीं हो रहा निस्तारण
जेडीए के कई कार्मिक नहीं कर रहे हैं समय पर निस्तारण
आमजन से जुड़े इन प्रकरणों की बढ़ रही है पेंडेंसी
आज तक के आकड़ों के अनुसार
आमजन से जुड़े 573 प्रकरण हो चुके हैं अवधि पार
इसका सीधा मतलब यह है निर्धारत अवधि में नहीं हुआ निस्तारण
इन प्रकरणों का निर्धारित की गई अवधि में नही हुआ निस्तारण
जेडीए का जोन सी बना अवधि पार प्रकरणों का "सरताज"
जेडीए में बढ़ रही अवधि पार प्रकरणों की संख्या
इनमें से एक तिहाई से अधिक प्रकरण है जोन सी में है लंबित
अकेले जोन सी में लंबित हैं 204 प्रकरण
कुल अवधि पार प्रकरणों में से 36.47%प्रकरण इस जोन में है लंबित
हाल ही जोन सी के जोन उपायुक्त पद की दी है जिम्मेदारी
RAS हेमंत कुमार को दी गई है जिम्मेदारी
इससे पहले लंबे समय तक इस जोन की थीं उपायुक्त
RASअपूर्वा परवाल थीं इस जोन की उपायुक्त
हाल ही उनका जेडीए से हुआ है तबादला
कोई दूसरा जोन जोन सी के आस-पास भी नही हैं
सबसे अधिक पेंडेंसी में दूसरे स्थान पर है जोन 11
इस जोन में अवधि पार प्रकरणों की संख्या है 72
इस मामले में तीसरे स्थान पर है जोन 14
इस जोन में अवधि पार प्रकरणों की संख्या है 53
39 प्रकरणों के साथ जोन पृथ्वीराज नगर हैं चौथे और
36 प्रकरणों के साथ जोन सात है पांचवें स्थान पर
जोन 9 में अवधि पार प्रकरणों की संख्या है 30,
जोन 17 में हैं 22, जोन बी में हैं 17,जोन 12 में 15,
जोन 22, जोन 24 व जोन 13 में हैं 13-13 प्रकरण,जोन 10 में 12,
जोन ए में 10,जोन 16 व जोन 8 में 6-6,जोन 23 में 4 और
जोन 25 में एक प्रकरण है अवधि पार