VIDEO: पीएम स्व निधि योजना को लेकर बड़ी लापरवाही, 24 हजार से अधिक आवेदन निकायों में लंबित, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: स्ट्रीट वैंडर्स के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए केन्द्र सरकार की पीएम स्व निधि योजना को लेकर प्रदेश भर के निकाय लापरवाह हैं. जहां एक तरफ कमी पूर्ति के लिए लौटाए गए आवेदन हजारों की संख्या में निकायों में लंबित हैं, वहीं 32 नगर पालिकाएं ऐसी हैं, जिन्होंने  एक भी  प्रकरण में ऋण का वितरण नहीं किया है. शहरों में काम कर रहे स्ट्रीट वैंडर्स को बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सरकार की पीएम स्व निधि योजना संचालित है.

इस योजना के क्रियान्वयन की केन्द्र सरकार के स्तर पर नियमित समीक्षा की जाती है. हाल ही समीक्षा के लिए आयोजित वीसी में केन्द्र सरकार ने निकायों में आवेदनों की पेडेंसी को काफी गंभीरता से लिया है. इसको लेकर स्वायत्त शासन विभाग ने ये सभी पेंडेंसी 31 दिसंबर तक निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं. आपको बताते हैं कि निकायों में किस प्रकार ये आवेदन लंबित हैं और इनके निस्तारण के लिए विभाग ने क्या आदेश दिए हैं.

निकायों की लापरवाही से स्ट्रीट वैंडर्स को नहीं मिल पा रहा ऋण:
-22 दिसंबर तक के आंकड़ों के अनुसार
-पिछले पांच साल में 24 हजार 833 आवेदन हैं लंबित
-इनमें से बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति से पहले लौटाए आवेदन हैं 11,808
-वर्ष 2020-23 तक प्राप्त आवेदन हैं 2 हजार 509
-वर्ष 2023-25 तक प्राप्त आवेदन हैं 9 हजार 299
-इनमें से बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति के बाद लौटाए आवेदन हैं 13025
-वर्ष 2020-23 तक प्राप्त आवेदन हैं 5 हजार 375
-वर्ष 2023-25 तक प्राप्त आवेदन हैं 7 हजार 650
-इसके चलते स्वायत्त शासन विभाग ने दिए निकायों को आदेश
-आवेदक से संपर्क कर आवेदन बैंकों को दुबारा भिजवाने के दिए आदेश
-तय प्रक्रिया के अनुसार ओटीपी के माध्यम से भिजवाने के दिए आदेश
-दो या दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों में संपर्क करने के दिए आदेश
-संबंधित आवेदक से संपर्क करने के दिए आदेश
-संपर्क ना हो पाने,आवेदक के इच्छुक ना होने अथवा
-डिफॉल्टर या माइग्रेट होने की स्थिति में हटाने के दिए आदेश
-योजना के पोर्टल पर आवेदन हटाने के दिए आदेश
-आवंटित लक्ष्य के अनुसार 31 दिसंबर तक बैंकों को आवेदन भेजने,
-ऋण स्वीकृत कराकर उसके वितरण के दिए आदेश
-अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर विभाग करेगा अनुशासनात्मक कार्यवाही
-संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ करेगा कार्यवाही

प्रदेश की 32 नगरपालिकाएं ऐसी हैं,जिन्होंने पीएम स्व निधि योजना के तहत एक भी ऋण का वितरण आवेदक को नहीं किया है. आपको बताते हैं ये नगर पालिकाएं कौनसी हैं और इस मामले को स्वायत्त शासन विभाग ने किस तरह गंभीरता से लिया है.

पीएम स्व निधि योजना को लेकर बड़ी लापरवाही:
-प्रदेश की 32 नगर पालिकाओं की बड़ी लापरवाही
-22दिसंबर तक के आंकड़ों के अनुसार
-इन नगर पालिकाओं ने नहीं किया एक भी ऋण वितरित
-इनमें से 14 नगरीय निकाय तो ऐसे हैं
-जिन्होंने 10 से भी कम या शून्य संख्या में भेजे हैं आवेदन
-बैंकों को ऑनलाइन भिजवाए हैं आवेदन
-इन निकायों को स्वायत्त शासन विभाग ने दिए आदेश
-आवंटित लक्ष्य के अनुसार 31 दिसंबर तक बैंकों को आवेदन भेजने,
-ऋण स्वीकृत कराकर उसके वितरण के दिए आदेश
-अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर विभाग करेगा अनुशासनात्मक कार्यवाही
-संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ करेगा कार्यवाही
-अजमेर जिले की सावर,तंतोती,
-अलवर जिले की बड़ौदा मेव,नौगांव,
-बाड़मेर जिले की चौहटन,ब्यावर जिले की रायपुर,
-भीलवाड़ा जिले की बैनाड़,बीकानेर जिले की लूणकरणसर,
-चित्तौड़गढ़ जिले की अकोला नगर पालिका ने नहीं किया वितरित
-दौसा जिले की भांडारेज,मंडावर,रामगढ़ पचवारा,
-डीग जिले की पहाड़ी,सीकरी,
-धौलपुर जिले की मनिया,सपाऊ,
-डीडवाना-कुचामन जिले की बोरवाड़,खाटू खुर्द,
-हनुमानगढ़ जिले की गोलूवाला,
-जालौर जिले की सायला
-जयपुर जिले की खेजरोली नगर पालिका ने नहीं किया वितरित
-योजना के तहत एक भी ऋण नहीं किया वितरित
-झुंझुनू जिले की जखल,जोधपुर जिले की मथानिया,
-खैरथल-तिजारा जिले की टपूकड़ा,
-कोटपूती-बहरोड़ जिले की मांधन,
-नागौर जिले की बासनी,मेड़ता रोड,रियाबउ़ी,
-फलौदी जिले की बाप,प्रतापगढ़ जिले की अरनोद,
-सीकर जिले की पलसाना और
-श्रीगंगानगर जिले की घड़साना नगर पालिका ने नहीं किया वितरित
-योजना के तहत एक भी ऋण नहीं किया वितरित