जयपुर: संशोधित-पीकेसी लिंक परियोजना-राम जल सेतु परियोजना के लिए अहम डूंगरी बांध निर्माण को लेकर प्रेसवार्ता हुईं. इस मौके पर मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री सुरेश सिंह रावत और मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने प्रेसवार्ता को संबोधित किया किया. मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि गांवों की भूमि की अवाप्ति को लेकर है भ्रम है, जिसे सरकार द्वारा अवाप्त किया जा रहा है. इसे लेकर विरोध जारी है. जोडली गांव में महापंचायत जारी है. इसे लेकर सरकार का रुख बताया जा रहा है.
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि वर्षों से चंबल और सहायक नदियों का पानी बहकर बेकार समुद्र में जाता है. राजे सरकार में चंबल के पानी के उपयोग के प्रोजेक्ट का विचार आया. बने हुए प्रोजेक्ट के आधार पर प्रस्ताव केंद्र को भेजा. गहलोत सरकार में डूंगरी बांध की क्षमता 230 मीटर रखी थी. भराव क्षमता 180 MCF रखी गई थी. अब 540 MCF भराव क्षमता, 3.40 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी. 17 क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध होगा. कुल 4 लाख 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा.
मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि हमारी सरकार ने इस परियोजना की शुरुआत की. खुद पीएम ने सभा में इसकी घोषणा की, 85000 करोड़ खर्च होंगे. अब 76 गांव भूमि अवाप्ति को लेकर विरोध कर रहे है. कोई 88-78 गांव नहीं हट रहे. 1 गांव के 150 मकान,1 गांव के 205 घर, 1 गांव के 215 घर, 1 गांव के 208 घर,1 गांव के 180 घर, 1 गांव के 325 घर, 1 गांव के 230 घर हटेंगे. रूपपुरा के 110 घर , अन्य के 800 घर हटेंगे. कुल 9 गांवों के 2350 घर हटेंगे. अन्य 7 गांवों में 4300 घर हटेंगे. इस आबादी को सरकार बसाएगी. लोकतंत्र में आंदोलन का हक है. लेकिन 76 गांवों का आंकड़ा गुमराह करने वाला है.
मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि गांवों में खुशहाली बढ़ेगी, यह समझना होगा. सबसे ज्यादा पानी सवाई माधोपुर, करौली को मिलेगा. 9 गांवों के 70 से 100 फीसदी आबादी विस्थापित होगी. पंचायत चुनाव की खातिर किसानों को बहकाया जा रहा है. मैं अपील कर रहा हूं कि गुमराह न हों, हिस्सा न हो. जहां किसान होगा तकलीफ में, वहां हम खुद जाएंगे, अधिकारी जाएंगे. मैं सिंचाई मंत्री से मिल चुका हूं. प्रतिनिधिमंडल से बातचीत को सरकार तैयार है. 78,86 का आंकड़ा आंखों में धूल झोंकने वाला है. 2 माह पूर्व प्रतिनिधिमंडल को सिंचाई मंत्री से मिलाया था और तब आंकड़ा यही था जो आज है. रणथंभौर में भी गांवों को बसाया गया है.