मानसून वाले जुलाई के महीने में भी मानसून की बेरुखी, बिना बरसे ही आंखों के आगे से गुजर रहे बादल

मानसून वाले जुलाई के महीने में भी मानसून की बेरुखी, बिना बरसे ही आंखों के आगे से गुजर रहे बादल

जोधपुर: मानसून वाले जुलाई के महीने में भी मानसून की बेरुखी है. बिना बरसे ही आंखों के आगे से बादल गुजर रहे है. आसमान में छा रहे बादलों से केवल उम्मीद बंध रही है.
बारिश न होने से जनता में घोर निराशा है. 

भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस ने मुश्किलें बढ़ाई.आमजन का जीना मुहाल हुआ. बारिश के मौसम में भी सूखे जैसे हालात है. राहत की एक-एक बूंद के लिए लोग तरस है. तेज धूप और उमस के चलते दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा है. 

चेहरे को ढंककर लोग निकल रहे है. गर्मी से बचने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा बढ़ा. दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है. जब तक भारी बारिश नहीं होगी, तब तक उमस से राहत मिलना मुश्किल है.

मानसून वाले जुलाई के महीने में भी मानसून की बेरुखी: 
-बिना बरसे ही आंखों के आगे से गुजर रहे बादल
-आसमान में छा रहे बादलों से केवल बंध रही उम्मीद
बारिश न होने से जनता में घोर निराशा
-भीषण गर्मी और चिपचिपाती उमस ने बढ़ाई मुश्किलें, आमजन का जीना हुआ मुहाल
-बारिश के मौसम में भी सूखे जैसे हालात, राहत की एक-एक बूंद के लिए तरसे लोग
-तेज धूप और उमस के चलते दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, चेहरे को ढंककर निकल रहे लोग
-गर्मी से बचने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का बढ़ा सहारा, दुकानों पर उमड़ रही भीड़
-जब तक भारी बारिश नहीं होगी, तब तक उमस से राहत मिलना मुश्किल